यूपी कैबिनेट विस्तार : 6 नए चेहरों से क्षेत्रीय और जातीय समीकरण साधने में जुटी BJP

जुबिली स्पेशल डेस्क
लखनऊ। योगी सरकार 2.0 का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार आज यानी 10 मई 2026 को होने जा रहा है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इसे बीजेपी का ‘मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है, जिसमें जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ ‘अपनों’ को इनाम और ‘बागियों’ को सम्मान देने की रणनीति साफ दिख रही है।
राजभवन में होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में 6 नए चेहरों को जगह मिल सकती है, जबकि 2 मौजूदा मंत्रियों के प्रमोशन की भी चर्चा है।
इन चेहरों पर दांव: कौन बनेगा मंत्री?
सूत्रों और ताज़ा खबरों के मुताबिक, इन दिग्गजों का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है:
| संभावित नाम | समाज/वर्ग | क्षेत्र | राजनीतिक पृष्ठभूमि |
| भूपेंद्र चौधरी | जाट (OBC) | पश्चिम यूपी | पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, जाट वोटों को साधने का जिम्मा। |
| मनोज पांडेय | ब्राह्मण (सवर्ण) | अवध (रायबरेली) | सपा से बगावत कर बीजेपी का साथ देने का इनाम। |
| पूजा पाल | गड़ेरिया (OBC) | प्रयागराज/कौशांबी | अतीक अहमद के खिलाफ संघर्ष का चेहरा, सपा की पूर्व विधायक। |
| कृष्णा पासवान | एससी (SC) | फतेहपुर | दलित वर्ग और महिला प्रतिनिधित्व को मजबूती। |
| सुरेंद्र दिलेर | वाल्मीकि (SC) | अलीगढ़ | वाल्मीकि समाज के बड़े नेता, पश्चिम यूपी में पैठ। |
| हंसराज विश्वकर्मा | OBC | पूर्वांचल (वाराणसी) | पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र से मजबूत पिछड़ा चेहरा। |
विशेष: चर्चा है कि अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर जैसे मंत्रियों का कद बढ़ाते हुए उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।
मिशन 2027: क्या है बीजेपी की रणनीति?
इस विस्तार के जरिए बीजेपी ने ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का एक नया फॉर्मूला तैयार किया है:
- सपा के PDA की काट: समाजवादी पार्टी के ‘पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक’ (PDA) नारे को मात देने के लिए बीजेपी ने एससी और ओबीसी समाज के चेहरों को प्राथमिकता दी है।
- ब्राह्मणों की ‘नाराजगी’ दूर करने की कोशिश: मनोज पांडेय को शामिल कर बीजेपी अवध क्षेत्र के सवर्ण वोट बैंक, विशेषकर ब्राह्मणों को बड़ा संदेश देना चाहती है।
- पश्चिम और अवध पर फोकस: चूंकि पूर्वांचल से पहले ही सीएम योगी और कई बड़े मंत्री आते हैं, इसलिए इस बार पश्चिम यूपी (जाट-गुर्जर) और अवध (रायबरेली-कौशांबी) को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है।
- महिलाओं को तरजीह: कृष्णा पासवान और पूजा पाल के जरिए सरकार में ‘आधी आबादी’ की हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी है।
अखिलेश का तंज: “दिल्ली से आई पर्ची”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस विस्तार को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे दिल्ली के इशारे पर होने वाला फेरबदल बताते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है और सरकार केवल ‘पर्चियों’ के आधार पर चेहरे बदल रही है।
अब सबकी नजरें राजभवन पर टिकी हैं, जहां कुछ ही देर में मंत्रियों की नई टीम यूपी की सत्ता की कमान संभालेगी।


