यूक्रेन युद्ध का ‘एंडगेम’: पुतिन के नरम तेवर और ट्रंप की मध्यस्थता ने जगाई शांति की बड़ी उम्मीद

जुबिली स्पेशल डेस्क
मॉस्को/वॉशिंगटन। पिछले चार सालों से दुनिया को दहलाने वाला रूस-यूक्रेन युद्ध अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। 10 मई, 2026 को रूस के ‘विजय दिवस’ (Victory Day) के मौके पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक बयान ने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है। पुतिन ने पहली बार स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यह खूनी संघर्ष अब अपनी समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।
1. पुतिन का बड़ा बयान: “अंत की ओर है मामला”
मॉस्को के रेड स्क्वायर पर आयोजित सैन्य परेड के बाद पुतिन ने पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है कि यह मामला अब अंत की ओर बढ़ रहा है।” यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले चार वर्षों में रूस ने शायद ही कभी झुकने या युद्ध खत्म करने की बात इतनी स्पष्टता से की हो।
राजनयिक हलकों में इसे पुतिन के ‘एग्जिट प्लान’ के तौर पर देखा जा रहा है। पुतिन ने संकेत दिया कि रूस अब कूटनीतिक मेज पर बैठने के लिए मानसिक रूप से तैयार है।
2. ट्रंप की एंट्री और 3 दिन का युद्धविराम
इस शांति प्रक्रिया में सबसे बड़ा ‘एक्स-फैक्टर’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बनकर उभरे हैं। ट्रंप की मध्यस्थता के बाद:
- अस्थायी युद्धविराम: रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम पर सहमति बनी है।
- कैदियों की अदला-बदली: दोनों देशों ने 1,000-1,000 युद्धबंदियों (कुल 2,000) को रिहा करने का फैसला किया है, जो इस युद्ध का अब तक का सबसे बड़ा मानवीय आदान-प्रदान है।
- ट्रंप का रुख: वॉशिंगटन में ट्रंप ने कहा कि वह इस “भयावह संघर्ष” को हर हाल में रोकना चाहते हैं।
3. रेड स्क्वायर पर बदला नजारा: हथियारों की जगह डिजिटल शो
इस साल की विक्ट्री डे परेड सैन्य शक्ति के प्रदर्शन से ज्यादा ‘बदली हुई रणनीति’ का प्रतीक रही।
- जमीन पर भारी टैंकों की जगह इस बार डिजिटल स्क्रीन पर मिसाइलों और ड्रोनों का प्रदर्शन किया गया।
- परेड में उत्तर कोरियाई सैनिकों की मौजूदगी ने रूस के नए सैन्य गठजोड़ को भी दुनिया के सामने रखा।
- यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी शांति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए घोषणा की कि यूक्रेन रूसी परेड के दौरान कोई सैन्य हमला नहीं करेगा।
4. पश्चिमी देशों पर कड़ा प्रहार
शांति के संकेतों के बीच पुतिन का तीखापन कम नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि:
“पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को रूस के खिलाफ एक ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल किया। NATO का विस्तार और यूक्रेन की EU सदस्यता की जिद ही इस विनाश की असली जड़ है।”
पुतिन ने यह भी कहा कि पश्चिम का यह अनुमान गलत साबित हुआ कि रूस कुछ महीनों में टूट जाएगा। उनके अनुसार, अब पश्चिमी देश खुद इस दलदल में फंस चुके हैं।
5. क्या होगी जेलेंस्की-पुतिन की मुलाकात?
सीधी बातचीत के सवाल पर पुतिन ने रास्ता खुला रखा है, लेकिन एक शर्त के साथ। उन्होंने कहा कि मुलाकात तभी होगी जब ‘स्थायी शांति के ढांचे’ पर दोनों पक्ष सहमत हों। पुतिन ने पूर्व जर्मन चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर के माध्यम से बातचीत जारी रखने के संकेत दिए हैं।
आगे की राह
फरवरी 2022 से जारी यह युद्ध अब अपने पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। लाखों लोगों के विस्थापन और हजारों मौतों के बाद, 2026 का यह ‘विजय दिवस’ संभवतः भविष्य के इतिहास में ‘शांति दिवस’ की नींव के रूप में दर्ज किया जा सकता है। हालांकि, स्थायी शांति के लिए डोनबास क्षेत्र और क्रीमिया जैसे जटिल मुद्दों पर सहमति बनना अभी भी एक बड़ी चुनौती है।

