UP: बिजली उपभोक्ताओं की बड़ी जीत! प्रीपेड मीटर अब चलेंगे पोस्टपेड की तरह, अखिलेश यादव ने बताया ‘जनशक्ति की विजय’

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत देते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब प्रदेश में लगे प्रीपेड मीटर बिल्कुल पोस्टपेड मीटर की तरह काम करेंगे, जिससे उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए अतिरिक्त समय और स्पष्टता मिलेगी।
क्या बदला है आपके बिजली बिल में?
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के अनुसार, अब स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग साइकिल पुराने सिस्टम की तरह ही होगी:
- महीने भर की खपत: 1 तारीख से महीने के अंत तक जितनी बिजली खर्च होगी, उसका विवरण तैयार होगा।
- बिल की जानकारी: हर महीने की 10 तारीख तक उपभोक्ताओं को SMS और व्हाट्सएप पर बिल मिल जाएगा।
- भुगतान का समय: बिल मिलने के बाद उपभोक्ताओं को पैसे जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।
अखिलेश यादव का तीखा हमला: “लूट का माल वापस करे भाजपा”
सरकार के इस फैसले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे जनता के संघर्ष की जीत बताते हुए सरकार पर निशाना साधा:
“प्रीपेड मीटर की भ्रष्टाचारी व्यवस्था के खिलाफ हमारा विरोध आखिरकार दंभी सरकार को झुका ले गया। यह जनशक्ति की जीत है।”
सपा प्रमुख की प्रमुख मांगें:
- बिलों का समायोजन: प्रीपेड मीटर के नाम पर जो “बढ़े हुए बिल” वसूले गए हैं, उन्हें अगले बिलों में एडजस्ट किया जाए।
- AI का उपयोग: अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि जब वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए AI (Artificial Intelligence) का प्रयोग हो सकता है, तो बिलों के लॉजिकल एडजस्टमेंट के लिए क्यों नहीं?
- आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने साफ कहा कि जनता से वसूला गया पैसा भाजपा को लौटाना होगा, वरना एक नया बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
यूपी सरकार के इस कदम से उन लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी जो प्रीपेड मीटर में अचानक बैलेंस खत्म होने और बिजली कटने की समस्या से जूझ रहे थे। हालांकि, विपक्ष ने अब वसूले गए पुराने पैसों की वापसी को लेकर नया मोर्चा खोल दिया है।


