ईरान-अमेरिका महासंग्राम: ट्रंप ने PAK के जरिए आया शांति प्रस्ताव ठुकराया, होर्मुज में नाकेबंदी जारी

तेहरान/वॉशिंगटन (30 अप्रैल, 2026): मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुँच गया है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा भेजे गए हालिया शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जब तक तेहरान परमाणु समझौते की शर्तों को नहीं मानता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी।
प्रमुख घटनाक्रम (Key Highlights)
- ट्रंप का कड़ा रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति ने नौसैनिक नाकेबंदी को बमबारी से ज्यादा असरदार बताया है ताकि ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाया जा सके।
- IRGC की खुली धमकी: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में अमेरिकी नौसेना के जहाजों को समुद्र में ‘जला दिया जाएगा’।
- आर्थिक युद्ध और क्रिप्टो जब्ती: अमेरिका ने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ के तहत ईरान की लगभग $500 मिलियन की क्रिप्टो संपत्ति जब्त करने का दावा किया है।
- वैश्विक तेल संकट: तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं, जो पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर है।
- रूस की चेतावनी: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप को आगाह किया है कि यदि युद्ध दोबारा भड़का, तो इसके परिणाम वैश्विक सुरक्षा के लिए अत्यंत गंभीर होंगे।
- पासपोर्ट विवाद: अमेरिका की ‘Freedom250’ योजना के तहत पासपोर्ट पर ट्रंप की तस्वीर लगाने की चर्चा पर ईरानी दूतावास ने तंज कसते हुए इसे ‘सेल्फ-प्रमोशन ब्रोशर’ करार दिया है।
युद्ध की लागत: पेंटागन के अनुसार, इस सैन्य गतिरोध पर अब तक अमेरिका लगभग $25 अरब खर्च कर चुका है, जो नासा के सालाना बजट के बराबर है

