AAP में अंदरूनी घमासान: राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप, Z+ सुरक्षा भी वापस

जुबिली न्यूज डेस्क
नई दिल्ली/पंजाब – आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के राज्यसभा सांसद Raghav Chadha इस समय अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। AAP की राष्ट्रीय प्रवक्ता Priyanka Kakkar ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पार्टी के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
क्या हैं आरोप?
Priyanka Kakkar ने दावा किया कि Raghav Chadha ने बीजेपी नेताओं से मुलाकात कर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड करवाने में भूमिका निभाई। यह रेड राज्यसभा सांसद Ashok Mittal से जुड़े ठिकानों पर हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि Z+ सुरक्षा के बदले यह “सौदा” हुआ और उसी के बाद कार्रवाई देखने को मिली। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Z+ सुरक्षा वापस, केंद्र ने दी नई सुरक्षा
इस विवाद के बीच पंजाब सरकार ने Raghav Chadha को दी गई Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। वहीं, केंद्र सरकार के निर्देश पर अब दिल्ली पुलिस उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रही है।
पार्टी में बढ़ती दूरी
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में पार्टी ने Raghav Chadha को राज्यसभा में उपनेता पद से भी हटा दिया था। इसके बाद से ही उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद की चर्चाएं तेज हो गईं।
AAP के कुछ नेताओं ने उन पर संसद में पंजाब के मुद्दों को पर्याप्त मजबूती से न उठाने का भी आरोप लगाया है।
राघव चड्ढा का जवाब
Raghav Chadha ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि ये आरोप बेबुनियाद हैं और उनकी भूमिका हमेशा जनहित के मुद्दे उठाने की रही है, न कि किसी तरह की साजिश में शामिल होने की।
ED रेड और सियासत
दूसरी ओर, पंजाब बीजेपी अध्यक्ष Sunil Jakhar का कहना है कि ED की कार्रवाई एक कथित छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़ी है, न कि किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा। यह मामला करीब 230 करोड़ रुपये के SC/BC पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले से संबंधित बताया जा रहा है।
आगे क्या?
AAP के भीतर जारी इस टकराव ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि Raghav Chadha आने वाले दिनों में अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।
निष्कर्ष
AAP में यह विवाद केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी टकराव किस दिशा में जाता है।



