“दीदी जा चुकी हैं, अब खुद को बचाने में जुटीं”: बंगाल चुनाव पर निरहुआ का ममता बनर्जी पर बड़ा प्रहार

पटना: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए निरहुआ ने दावा किया कि बंगाल की जनता अब बदलाव के लिए तैयार है।
“जनता की ताकत सबसे बड़ी”- निरहुआ
निरहुआ ने कहा कि ‘दीदी’ (ममता बनर्जी) का शासन अब खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल की जनता उनकी विचारधारा को अच्छी तरह समझ चुकी है। अब वह केवल खुद को बचाने की कोशिश कर रही हैं। सबसे बड़ी ताकत जनता की होती है और जनता जब चाहे, किसी को भी सत्ता से पलट सकती है।” उन्होंने आगे जोड़ा कि ममता बनर्जी को इसी ‘जनता की ताकत’ से डर लग रहा है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मुख्य कार्यक्रम और आंकड़े
चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर इस बार केवल दो चरणों में मतदान होगा।
| चरण | मतदान की तिथि | सीटों की संख्या |
| पहला चरण | 23 अप्रैल, 2026 | 152 सीटें |
| दूसरा चरण | 29 अप्रैल, 2026 | 142 सीटें |
| नतीजे | 04 मई, 2026 | — |
त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बंगाल?
जहां एक तरफ TMC चौथी बार सरकार बनाने का दावा कर रही है, वहीं बीजेपी ने ‘कुशासन’ को मुद्दा बनाकर पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार कांग्रेस और लेफ्ट भी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए अलग-अलग चुनावी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
2021 के चुनावी नतीजों पर एक नज़र
पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की आंधी ने विपक्ष को पछाड़ दिया था, लेकिन बीजेपी ने मुख्य विपक्षी दल के रूप में अपनी जगह पक्की की थी:
- TMC: 213 सीटें (पूर्ण बहुमत)
- BJP: 77 सीटें (प्रमुख विपक्षी दल)
- अन्य: 04 सीटें (ISF, निर्दलीय आदि)
- लेफ्ट और कांग्रेस: खाता खोलने में नाकाम रहे थे।
2026 के चुनावों में क्या बीजेपी 2021 की हार का बदला ले पाएगी या ममता बनर्जी का किला बरकरार रहेगा? इसका फैसला 4 मई को होगा।


