ट्रंप की ईरान को अंतिम चेतावनी: ‘एक रात में खत्म कर देंगे पूरा देश’

ईरान-अमेरिका संकट 2026

  • डेडलाइन: मंगलवार रात तक समझौते का समय।
  • मुख्य टारगेट: होर्मुज स्ट्रेट, बिजली घर और पुल।
  • रेस्क्यू मिशन: 155 विमानों की मदद से 2 पायलट सुरक्षित बचाए गए।
  • कच्चा तेल: इस तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर पड़ने की संभावना है।

वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अब तक का सबसे आक्रामक रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने सीधे शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ईरान ने तय समय सीमा (मंगलवार रात) तक होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) नहीं खोला और समझौता नहीं किया, तो अमेरिका एक ही रात में पूरे ईरान को नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखता है।

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के बिजली घरों, पुलों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना कभी भी शुरू किया जा सकता है।

. ऐतिहासिक रेस्क्यू मिशन: ‘तिनके के ढेर में सुई ढूंढने जैसा था’

ट्रंप ने ईरान के भीतर गिरे दो अमेरिकी जांबाज सैनिकों (एयरमैन) को बचाने के सफल ऑपरेशन की घोषणा की। राष्ट्रपति ने इसे ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए कहा कि अमेरिकी सेना अपने किसी भी नागरिक को पीछे नहीं छोड़ती।

  • ऑपरेशन की ताकत: इस मिशन में 155 विमान शामिल थे, जिनमें 4 बॉम्बर, 64 फाइटर जेट, 48 रिफ्यूलिंग टैंकर और 13 रेस्क्यू विमान थे।
  • CIA की भूमिका: CIA ने पहाड़ी दरारों में छिपे पायलट को ढूंढ निकाला। ट्रंप ने कहा, “यह तिनके के ढेर में सुई ढूंढने जैसा था, लेकिन हमारे जांबाज 48 घंटे तक दुश्मनों से बचते रहे।”
  • बलिदान: कुछ अमेरिकी विमानों को ईरान में छोड़ना पड़ा, जिन्हें दुश्मन के हाथ लगने से बचाने के लिए अमेरिका ने खुद ही नष्ट कर दिया।

2. ‘जानकारी लीक करने वाले जाएंगे जेल’ – मीडिया को ट्रंप की दो टूक

मिशन की सफलता के बीच ट्रंप ने एक गंभीर मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी किसी ने लीक की थी, जिससे सैनिकों की जान खतरे में पड़ गई।

“जिन्होंने यह खबर छापी, उन्हें अपने सोर्स का खुलासा करना होगा या जेल जाना पड़ेगा। हम जानकारी लीक करने वालों को पकड़ लेंगे।” – डोनाल्ड ट्रंप

3. CIA और पेंटागन की रणनीति: ईरान को किया ‘कन्फ्यूज’

CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने बताया कि यह मिशन ‘समय के खिलाफ जंग’ थी। हमने तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी का इस्तेमाल कर ईरानी सेना को भ्रमित किया। जिस वक्त हजारों ईरानी सैनिक हमारे एयरमैन को खोज रहे थे, वह एक पहाड़ी दरार में सुरक्षित छिपा था।

वहीँ, पीट हेगसेथ ने कहा कि इस सफल ऑपरेशन ने ईरानी सेना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘अपमानित’ किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि मंगलवार रात की समय सीमा खत्म होने के बाद ईरान पर हमले और भी भीषण होंगे।

4. जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ: ‘कहीं से भी वापस लाएंगे अपने सैनिक’

जनरल डेन केन ने मिशन की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बताया कि रेस्क्यू के दौरान भारी गोलाबारी हुई। एक A-10 विमान को पड़ोसी मित्र देश में लैंड करना पड़ा, लेकिन अंततः दोनों एयरमैन सुरक्षित वापस आ गए हैं। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका अपने सैनिकों को दुनिया के किसी भी कोने से बचाने का दम रखता है।

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