मिडिल ईस्ट संकट में भारत की कूटनीतिक जीत, दुश्मन देश भी कर रहे मदद

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच India ने अपनी कूटनीति से एक अलग मिसाल पेश की है। तेल-गैस सप्लाई से लेकर अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी तक, भारत ने ऐसे कदम उठाए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।

सबसे खास बात यह है कि Azerbaijan और Armenia जैसे एक-दूसरे के विरोधी देश भी भारत की मदद के लिए आगे आए हैं।

दुश्मन देश भी बने मददगार

अजरबैजान, जिसे पारंपरिक रूप से Pakistan का करीबी माना जाता है, ने ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने में मदद की।

वहीं आर्मेनिया ने ईरान में फंसे भारतीय मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकालने में सहयोग किया। इसके लिए भारत ने दोनों देशों का आभार जताया।

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने आर्मेनिया के विदेश मंत्री Ararat Mirzoyan को धन्यवाद देते हुए कहा कि भारतीयों की सुरक्षित वापसी में उनका सहयोग अहम रहा।

सैकड़ों भारतीय सुरक्षित निकाले गए

भारत लगातार क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाल रहा है। हाल के दिनों में सैकड़ों भारतीयों को Iran से निकालकर आर्मेनिया पहुंचाया गया है।

इससे पहले करीब 204 भारतीय नागरिकों को जमीनी सीमा के रास्ते अजरबैजान पहुंचाया गया, जिनमें से कई लोग भारत लौट चुके हैं।

तेल सप्लाई पर भी मजबूत पकड़

वैश्विक दबाव के बावजूद भारत ने Russia से तेल खरीद जारी रखी, जबकि United States ने इस पर प्रतिबंध लगाए थे।

इसी का असर है कि:

  • भारत में तेल की सप्लाई बनी हुई है
  • कई देशों के मुकाबले कीमतें स्थिर हैं

इसके अलावा Strait of Hormuz के रास्ते भी भारत के लिए आपूर्ति जारी है और कई जहाज सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं।

निष्कर्ष

मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत ने संतुलित और व्यावहारिक कूटनीति का उदाहरण पेश किया है। जहां एक ओर दुनिया के कई देश मुश्किलों से जूझ रहे हैं, वहीं भारत अपनी रणनीति के दम पर न सिर्फ खुद को सुरक्षित रख पा रहा है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख भी मजबूत कर रहा है।

Related Articles

Back to top button