अपना तेल खुद लाओ’: पाकिस्तान का फरमान, विदेशी एयरलाइंस पर फ्यूल संकट का असर

ईरान युद्ध के चलते वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित होने का असर अब एविएशन सेक्टर पर भी दिखने लगा है। पाकिस्तान ने विदेशी एयरलाइंस के लिए बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि उन्हें देश में लैंडिंग के बाद वापसी के लिए ईंधन (फ्यूल) नहीं दिया जाएगा।
PAA की एडवाइजरी: खुद लाएं पूरा फ्यूल
पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) ने नोटिस टू एयरमैन (NOTAM) जारी कर विदेशी एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे अपने देश से ही इतना फ्यूल लेकर आएं, जिससे वे पाकिस्तान से वापस लौट सकें। एडवाइजरी में कहा गया है कि जेट A-1 फ्यूल सप्लाई चेन में बाधा के चलते यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट संकट का असर
मध्य-पूर्व में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावित होने से तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई है। इसका असर दक्षिण एशियाई देशों, खासकर पाकिस्तान में ज्यादा देखने को मिल रहा है, जहां फ्यूल की कमी पैदा हो गई है।
घरेलू एयरलाइंस को राहत
हालांकि यह नियम घरेलू एयरलाइंस पर लागू नहीं होगा। अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान की लोकल एयरलाइंस को जरूरत के अनुसार फ्यूल उपलब्ध कराया जाएगा।
भारत में भी बढ़ा ATF का दबाव
तेल कीमतों में उछाल का असर भारत पर भी पड़ा है। एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
दिल्ली में ATF की कीमत 96,638 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर 2,07,341 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
महंगे हो सकते हैं हवाई टिकट
ATF की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के चलते एयरलाइंस का ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गया है। ऐसे में आने वाले समय में हवाई टिकट महंगे होने की आशंका जताई जा रही है।सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखते हुए चरणबद्ध तरीके से लागू करने का फैसला लिया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इसका पूरा असर पड़ेगा।
ईरान युद्ध और तेल संकट का असर अब सीधे हवाई यात्रियों तक पहुंचने लगा है। अगर वैश्विक सप्लाई में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में उड़ानें और महंगी हो सकती हैं और एयरलाइंस के संचालन पर भी दबाव बढ़ेगा।



