अमेरिका में ‘No Kings’ आंदोलन उग्र, ट्रंप सरकार पर बढ़ा दबाव

वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क।. अमेरिका इस समय दोहरे संकट से गुजर रहा है। एक तरफ पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी तनाव और जंग ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर देश के भीतर Donald Trump की नीतियों के खिलाफ जनता का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर दिखाई दे रहा है।
शनिवार को “No Kings” (कोई राजा नहीं) आंदोलन के तहत अमेरिका के सभी 50 राज्यों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। यह प्रदर्शन सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूरोप, लैटिन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक इसकी गूंज सुनाई दी।
90 लाख लोगों के शामिल होने का दावा
आयोजकों के मुताबिक, इस बार आंदोलन में करीब 90 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। देशभर में 3,100 से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो पिछले प्रदर्शनों के मुकाबले काफी अधिक हैं।
खास बात यह रही कि इन रैलियों का बड़ा हिस्सा छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि आंदोलन अब व्यापक जनाधार हासिल कर चुका है।
मिनेसोटा बना आंदोलन का केंद्र
इस बार आंदोलन का मुख्य केंद्र Minnesota रहा, जहां सेंट पॉल में सबसे बड़ी रैली आयोजित की गई।
मशहूर गायक Bruce Springsteen ने यहां “Streets of Minneapolis” गीत पेश कर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि मिनेसोटा की जनता का साहस पूरे देश के लिए प्रेरणा है और इस तरह की घटनाएं अमेरिकी समाज को झुका नहीं सकतीं।
बड़े चेहरों का समर्थन
इस आंदोलन में कई दिग्गज हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें
- Robert De Niro
- Joan Baez
- Jane Fonda
- Bernie Sanders, जैसे बड़े नाम शामिल रहे।
किन मुद्दों पर भड़का विरोध?
प्रदर्शनकारियों ने कई मुद्दों को लेकर नाराजगी जताई, जिनमें प्रमुख हैं:
- आक्रामक इमिग्रेशन नीति
- ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई
- ट्रांसजेंडर अधिकारों में कटौती
- अमीर वर्ग का बढ़ता प्रभाव
खासतौर पर इमिग्रेशन एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।
वॉशिंगटन से न्यूयॉर्क तक प्रदर्शन
Washington D.C. में लिंकन मेमोरियल के पास सैकड़ों लोगों ने मार्च किया।
वहीं San Diego में करीब 40,000 लोग सड़कों पर उतरे।
New York City में सिविल लिबर्टीज यूनियन की प्रमुख Donna Lieberman ने कहा कि सरकार लोगों को डराकर घर बैठाना चाहती है, लेकिन जनता अब पीछे हटने वाली नहीं है।
क्या खतरे में है ट्रंप की कुर्सी?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह से “No Kings” आंदोलन देशभर में फैल रहा है, वह आने वाले समय में Donald Trump की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे उनकी कुर्सी पर सीधा खतरा पैदा हो गया है, लेकिन जन असंतोष का यह स्तर निश्चित रूप से आगामी चुनावों पर असर डाल सकता है।
ईरान जंग और घरेलू विरोध के बीच अमेरिका की राजनीति एक बड़े मोड़ पर खड़ी है। “No Kings” आंदोलन ने साफ कर दिया है कि जनता अब सरकार की नीतियों पर खुलकर सवाल उठाने को तैयार है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन कितना असर डालता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।



