ईरान का ‘Plan B’ अलर्ट: बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति वार्ता की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हजारों सैनिकों को खाड़ी क्षेत्र में तैनात करने की तैयारी भी तेज हो गई है।
इसी बीच ईरान ने भी अपना ‘Plan B’ सामने रख दिया है। ईरानी अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि अगर अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य या खर्ग आइलैंड पर सैन्य कार्रवाई की, तो जवाब में बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद किया जा सकता है।
तेल सप्लाई पर डबल स्ट्राइक का खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य पहले ही वैश्विक तेल सप्लाई का अहम मार्ग है, जहां से करीब 20% तेल गुजरता है। यदि बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य भी बंद होता है, तो एशिया-यूरोप के बीच समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
बाब-अल-मंदेब, जिसे “Gate of Tears” भी कहा जाता है, लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ता है और स्वेज नहर के जरिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लाइफलाइन माना जाता है।
ईरान की चेतावनी और सैन्य रणनीति
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने साफ कहा है कि अगर उसके द्वीपों पर हमला हुआ या फारस की खाड़ी में दबाव बनाया गया, तो वह “सरप्राइज मोर्चा” खोल सकता है। इसमें समुद्री मार्गों को बाधित करना और मिसाइल-ड्रोन हमले शामिल हो सकते हैं।
मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने भी चेतावनी दी है कि अगर किसी क्षेत्रीय देश की मदद से ईरान के द्वीपों पर कब्जे की कोशिश हुई, तो उसके महत्वपूर्ण ठिकानों पर लगातार हमले किए जाएंगे।
हूती फैक्टर भी बना बड़ा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि हूती विद्रोही समूह इस संघर्ष में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यमन में सक्रिय यह समूह पहले भी लाल सागर में जहाजों को निशाना बना चुका है, जिससे वैश्विक शिपिंग पर असर पड़ा था।
अमेरिका की सैन्य तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप खाड़ी क्षेत्र में हजारों हवाई और मरीन सैनिक भेजने की तैयारी में हैं। संभावित लक्ष्य खर्ग आइलैंड हो सकता है, जहां से ईरान का अधिकांश कच्चा तेल निर्यात होता है।


