जुबिली न्यूज डेस्क
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे की शुरुआत कर दी है। 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वे सोमवार को Singapore पहुंचे। राज्य सरकार इस दौरे को उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।

सिंगापुर में उच्चस्तरीय बैठकों का कार्यक्रम
सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री वहां के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से शिष्टाचार मुलाकात करेंगे। साथ ही वे राजनीतिक प्रतिनिधियों, उद्योग जगत के दिग्गजों और निवेशकों के साथ बैठकें करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, लगभग 25 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग दौर की बातचीत प्रस्तावित है, जिनमें उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में संभावनाओं पर चर्चा होगी।
वैश्विक वित्तीय संस्थानों से संवाद
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भारत की राजदूत Shilpak Ambule से भी मुलाकात करेंगे।
इसके अलावा वे सिंगापुर के प्रमुख निवेश और बैंकिंग संस्थानों के शीर्ष अधिकारियों से भी बातचीत करेंगे, जिनमें शामिल हैं:
-
Temasek Holdings
-
GIC
-
DBS Bank
इन बैठकों का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश साझेदारी और वित्तीय सहयोग को मजबूत करना है।
स्किल डेवलपमेंट मॉडल पर नजर
मुख्यमंत्री सिंगापुर के तकनीकी शिक्षा संस्थान का भी दौरा करेंगे। वहां के इंडस्ट्री-लिंक्ड ट्रेनिंग मॉडल और स्किल डेवलपमेंट ढांचे का अध्ययन किया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश में कौशल विकास कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाया जा सके।
ये भी पढ़े-Credit Card Bill: क्या बिल न भरने पर पुलिस पकड़ सकती है? जानें कानून क्या कहता है
निवेश हब बनने की दिशा में कदम
राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग और निवेश के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है। सिंगापुर और जापान जैसे विकसित देशों से सहयोग मिलने पर:
-
नए औद्योगिक प्रोजेक्ट
-
रोजगार के अवसरों में वृद्धि
-
टेक्नोलॉजी और पूंजी निवेश
-
एक्सपोर्ट क्षमता में विस्तार
जैसे क्षेत्रों में तेजी आने की उम्मीद है। चार दिवसीय इस विदेश दौरे के बाद संभावित निवेश प्रस्तावों और समझौतों को लेकर अहम घोषणाएं सामने आ सकती हैं।
Jubilee Post | जुबिली पोस्ट News & Information Portal
