बजट पर मायावती का हमला: ‘लोकलुभावन ज्यादा, जमीनी असर कम’

जुबिली स्पेशल डेस्क

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार (11 फरवरी) को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया।

यह बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है। बजट पेश होने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिक्रिया सामने आई है।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बजट को “लोकलुभावन” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट जनता के वास्तविक उत्थान और प्रदेश में सर्वसमाज व सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास से ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाला प्रतीत होता है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने जो घोषणाएं और आश्वासन दिए हैं, उनका समयबद्ध और सही तरीके से क्रियान्वयन होना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि अगर पिछले वर्ष के बजट के जमीनी क्रियान्वयन का ठोस और प्रमाणिक डेटा प्रस्तुत किया जाता, तो बजट भाषण अधिक विश्वसनीय बन सकता था। उनके मुताबिक, मौजूदा बजट भी अखबारों की सुर्खियां पाने वाला ज्यादा दिखता है, जिससे लोगों की ‘अच्छे दिन’ की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आता है।

मायावती ने प्रदेश में स्थायी आमदनी वाले रोजगार सृजन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इस दिशा में सरकार को गंभीर और सक्रिय कदम उठाने की जरूरत है।

साथ ही उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण पर समुचित ध्यान देने तथा बैकलॉग भर्तियों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की।

बीएसपी प्रमुख ने कहा कि अगर बीजेपी सरकार भी बीएसपी की पूर्व सरकारों की तरह ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना के साथ संवैधानिक दायित्व निभाए, तो यह जनहित में होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए जो किसी वर्ग या क्षेत्र विशेष तक सीमित न रहे, बल्कि खासकर करोड़ों गरीबों और किसानों के जीवन में सुधार का माध्यम बने।

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