भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता: ट्रंप ने हटाया 25% अतिरिक्त टैरिफ

जुबिली न्यूज डेस्क

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका ने शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) का ढांचा जारी किया है। इस कदम को दोनों देशों के बीच एक व्यापक और स्थायी द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बड़ा ब्रेकथ्रू माना जा रहा है। टैरिफ को लेकर हाल के दिनों में बढ़े तनाव के बीच यह फ्रेमवर्क भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती देगा।

जल्द लागू होगा इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट

संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत और अमेरिका इस फ्रेमवर्क को तेजी से लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे। इसका उद्देश्य ऐसा व्यापार समझौता तैयार करना है, जिससे दोनों देशों को समान और संतुलित लाभ मिले। इसे भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की एक अहम उपलब्धि बताया गया है।

ट्रंप ने हटाया भारतीय उत्पादों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस फ्रेमवर्क से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ को हटाने की घोषणा की। यह टैरिफ भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद को लेकर लगाया गया था।
ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर इस फैसले को लागू किया। उन्होंने दावा किया कि भारत अपने व्यापारिक अवरोधों को कम करेगा और अमेरिका से तेल सहित अन्य उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा। हालांकि भारत ने ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर संतुलित रुख बनाए रखा है।

30 ट्रिलियन डॉलर की अमेरिकी अर्थव्यवस्था तक भारतीय निर्यात की पहुंच

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इस फ्रेमवर्क से भारतीय निर्यातकों — खासकर MSME, किसान और मछुआरे — को अमेरिका जैसे 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले विशाल बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी।

पीयूष गोयल के अनुसार, इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगाए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। इससे वस्त्र और परिधान, चमड़ा और फुटवियर, प्लास्टिक व रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी सेक्टर को बड़ा फायदा होगा।

कई भारतीय उत्पादों पर टैरिफ शून्य, मेक इन इंडिया को बढ़ावा

इस अंतरिम समझौते के तहत अमेरिका ने जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न व आभूषण और विमान के पुर्जों सहित कई भारतीय उत्पादों पर टैरिफ पूरी तरह खत्म करने पर सहमति जताई है। इससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को सीधा प्रोत्साहन मिलेगा।

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किसानों और डेयरी सेक्टर के हित पूरी तरह सुरक्षित

पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि इस व्यापार समझौते में भारतीय किसानों और ग्रामीण आजीविका से कोई समझौता नहीं किया गया है। मक्का, गेहूं, चावल, सोयाबीन, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है।

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