यूपी में 2027 से पहले बीजेपी की बड़ी संगठनात्मक तैयारी, 15 दिन में हो सकते हैं अहम बदलाव

जुबिली स्पेशल डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संगठन को नए सिरे से धार देने की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के विभिन्न मोर्चों में अगले 15 दिनों के भीतर बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद संगठनात्मक फेरबदल को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
माना जा रहा है कि 28 फरवरी से पहले अनुसूचित जाति मोर्चा, किसान मोर्चा, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा समेत अन्य मोर्चों के अध्यक्षों और उनकी टीमों में बदलाव किया जा सकता है। इन बदलावों के बाद बीजेपी पूरी तरह चुनावी मोड में आ जाएगी।
जातीय समीकरण साधने पर रहेगा ज़ोर
सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक बदलाव में जातीय संतुलन को खास तवज्जो दी जा सकती है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी (कुर्मी) समाज से आते हैं, वहीं पश्चिमी यूपी में जाट, ब्रज क्षेत्र में यादव और ब्राह्मण समीकरण को भी ध्यान में रखा जा सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन बदलावों में सपा के पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) समीकरण की काट भी साफ दिखाई दे सकती है।
चुनावी लिहाज से अहम माने जा रहे बदलाव
बीजेपी की यह कवायद आगामी पंचायत चुनाव, विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों तथा 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखी जा रही है। पार्टी का लक्ष्य प्रदेश में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करना है। सूत्रों का दावा है कि विभिन्न मोर्चों में 30 से 40 फीसदी तक फेरबदल संभव है।
लखनऊ बैठक में हुई थी रणनीतिक चर्चा
हाल ही में लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों, विभागों के अध्यक्ष, महामंत्री, संयोजक और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए थे। इस बैठक में महामंत्री धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान संगठनात्मक बदलावों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के बाद पंकज चौधरी ने कहा था कि पार्टी के विभागों और प्रकोष्ठों में कार्य करने वाले पदाधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। संगठन में कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों तक पार्टी की नीतियों और कार्यशैली को पहुंचाने में इन मोर्चों की अहम भूमिका रहती है, जिससे संगठन मजबूत होता है।



