अजय शर्मा
केंद्रीय बजट 2026-27 भारत की समग्र स्वास्थ्य रणनीति के भीतर पारंपरिक वेलनेस सिस्टम के बढ़ते महत्व को पुष्ट करता है।
कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण और संबद्ध सेवाओं पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ, आयुष औषधालयों और औषधि-परीक्षण प्रयोगशालाओं को उच्च मानकों तक अपग्रेड करने से आयुर्वेद और अन्य आयुष दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
जैसे-जैसे भारतीय तेजी से प्रमाणिक और विज्ञान-आधारित पारंपरिक देखभाल की ओर बढ़ रहे हैं, ये उपाय उपभोक्ता के विश्वास को मजबूत करेंगे और निवारक तथा कल्याण-आधारित स्वास्थ्य सेवा को व्यापक रूप से अपनाने में मदद करेंगे।
बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता आश्वासन पर जोर देने से वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में भी सुधार होगा, जिससे आयुर्वेद-आधारित उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने और निर्यात बाजारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने में सक्षम होंगे।
सामूहिक रूप से, ये पहल आयुर्वेद को भारत और उसके बाहर निवारक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने में अधिक सार्थक भूमिका निभाने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करती हैं।
(ये लेखक के निजी विचार हैं)
(लेखक श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन प्रा. लि. के निदेशक है)
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