Sunday - 1 February 2026 - 1:42 PM

निर्मला के बजट से बाजार नाराज़, संडे को निवेशकों के डूबे 16 लाख करोड़

जुबिली स्पेशल डेस्क

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार बजट पेश किए जाने के बाद भारतीय शेयर बाजार में रविवार, 1 फरवरी को इंट्राडे कारोबार के दौरान अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए आर्थिक विकास को गति देने के उपायों की घोषणा के बावजूद, एसटीटी (सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स) में बढ़ोतरी के ऐलान से निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ गई।

बजट के बाद सेंसेक्स कारोबार के दौरान करीब 2,400 अंक तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 50 में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी लगभग 749 अंक टूट गया। इस तेज गिरावट के चलते शेयर बाजार निवेशकों को एक ही दिन में करीब 16 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

बजट वाले दिन धराशायी हुआ बाजार

रविवार को बजट के चलते शेयर बाजार को विशेष रूप से खोला गया था। निवेशकों को उम्मीद थी कि हाल के दिनों में आई गिरावट की भरपाई होगी, लेकिन बाजार ने उलटा रुख अपनाया। वित्त मंत्री के ऐलानों के बाद बाजार पर ऐसा दबाव पड़ा कि वह संभल नहीं सका और देखते ही देखते धराशायी हो गया।

आंकड़ों के मुताबिक, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स कारोबार के दौरान 2,400 अंकों तक गिरकर 79,899.42 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। जबकि सुबह सेंसेक्स 82,388.97 पर खुला था और शुरुआती कारोबार में 82,726.65 के उच्च स्तर तक भी गया था।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी 749 अंक टूटकर 24,571.75 के लोअर लेवल पर पहुंच गया। सुबह निफ्टी 25,333.75 पर खुला था और 25,440.90 के साथ दिन के उच्च स्तर तक गया था।

शेयर बाजार क्यों गिरा?

बाजार में आई इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) में बढ़ोतरी का प्रस्ताव माना जा रहा है। वित्त मंत्री ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफ एंड ओ) सेगमेंट में एसटीटी बढ़ाने का ऐलान किया है। फ्यूचर्स पर एसटीटी को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी करने और ऑप्शंस लेनदेन पर इसे 0.01 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस फैसले से ट्रेडिंग लागत बढ़ने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।

निवेशकों को 16 लाख करोड़ का झटका

शेयर बाजार में आई गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई के मार्केट कैप के आंकड़ों के मुताबिक, 30 जनवरी को बाजार पूंजीकरण 4,60,02,240.35 करोड़ रुपये था, जो रविवार के कारोबार के दौरान घटकर 4,44,34,637.85 करोड़ रुपये रह गया। यानी निवेशकों को करीब 15,67,602.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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