भोपाल में मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा! फॉर्म-7 के जरिए 9 हजार से ज्यादा आपत्तियां

जुबिली न्यूज डेस्क

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मतदाता सूची को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। वोट कटवाने के लिए किसी और के नाम और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर आपत्तियां दर्ज कराई गईं। चुनाव आयोग के फॉर्म-7 के जरिए दर्ज इन आपत्तियों की संख्या भोपाल जिले में 9 हजार से ज्यादा बताई जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई जगहों पर एक ही पैटर्न पर आपत्तियां लगाई गईं, जिनमें नाम और मोबाइल नंबर गलत पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं और सभी संदिग्ध आवेदनों का वेरिफिकेशन कराया जा रहा है

अन्य जिलों में भी शिकायतें

भोपाल के बाद अब प्रदेश के अन्य जिलों से भी शिकायतें सामने आ रही हैं।
सिंगरौली जिले की देवसर तहसील के अंतर्गत सहुआर पंचायत के मुस्लिम मतदाताओं ने एसडीएम को लिखित शिकायत सौंपी है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीजेपी के बूथ लेवल एजेंट (BLA) मुस्लिम मतदाताओं के घर जाकर उन्हें

  • SIR फॉर्म भरवाने

  • बैंक KYC कराने

  • आवास योजना दिलाने

के नाम पर फॉर्म-7 (मतदाता सूची से नाम हटाने का फॉर्म) पर अंगूठा लगवा रहे हैं।

भिंड में भी सामने आईं शिकायतें

ऐसी ही शिकायतें भिंड जिले से भी सामने आई हैं। मुस्लिम मतदाताओं का कहना है कि“हमारे नाम से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, लेकिन जिसने शिकायत की है, उसे हम जानते तक नहीं।”

भिंड में अभिषेक नाम के व्यक्ति पर सैकड़ों मुस्लिम मतदाताओं के खिलाफ फॉर्म-7 भरने का आरोप लगा है। हालांकि, अभिषेक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि“मेरे द्वारा किसी की शिकायत नहीं की गई। मामले की जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।”

प्रशासन और राजनीतिक दलों का पक्ष

भोपाल प्रशासन का कहना है कि

  • हर आपत्ति की जांच होगी

  • सत्यापन और सुनवाई के बाद ही किसी का नाम मतदाता सूची से हटाया जाएगा

  • दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

वहीं इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है।
कांग्रेस नेता अमित शर्मा रोज़ाना कलेक्टर से शिकायत कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बीजेपी मुस्लिम मतदाताओं के नाम कटवाना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि विशाल नाम के व्यक्ति ने 100 से ज्यादा आपत्तियां दर्ज कराई हैं

दूसरी ओर, बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि“प्रशासन अपना काम कर रहा है। किसी भी मुस्लिम मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा, लेकिन अगर कोई अवैध रूप से रह रहा है, तो उसका नाम मतदाता सूची में नहीं रह सकता।”

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फॉर्म-7 को लेकर बढ़ी सियासी गर्मी

SIR प्रक्रिया के बाद अब फॉर्म-7 को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई हैTV9 की पड़ताल में भी यह सामने आया है कि एक ही व्यक्ति द्वारा कई मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दर्ज की गई हैं।अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

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