जुबिली न्यूज डेस्क
मुंबई: दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा है।

मुख्यमंत्री से हुई बैठक
सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी के नेता प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और सुनील तटकरे ने वर्षा बंगले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। यह बैठक लगभग डेढ़ घंटे चली। बैठक में कहा गया कि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाए और अजित पवार के सभी विभाग एनसीपी को सौंपे जाएं। मुख्यमंत्री से अपेक्षा जताई गई कि वे इस मामले में जल्द फैसला लें।
प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग
सूत्रों के अनुसार, पार्टी में प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में अनुभवी नेतृत्व की जरूरत है और प्रफुल्ल पटेल इस भूमिका के लिए उपयुक्त चेहरा हैं।
अनिल देशमुख का बयान
पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा:“यह दुखद है कि महाराष्ट्र ने अजीत पवार जैसे सक्षम नेता को खो दिया। दादा का अंतिम संस्कार कल हुआ। कई खबरें आ रही हैं कि कौन मंत्री और उपमुख्यमंत्री बनेगा। शरद पवार, सुनेत्रा पवार, पार्थ और जय पवार परिवार एक-दो दिन में बैठक कर इस पर चर्चा करेंगे। तभी आगे का फैसला होगा।”
देशमुख ने आगे कहा कि वह नहीं जानते कि एनसीपी नेता मुख्यमंत्री से किस मुद्दे पर मिले थे, और यह समय मंत्री और उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति के लिए सही नहीं है।
एनसीपी के विलय पर भी चर्चा
अनिल देशमुख ने बताया कि अजित पवार दोनों एनसीपी गुटों को एक साथ लाना चाहते थे। उन्होंने कहा:“अजित पवार की यह आखिरी इच्छा थी कि नगर निगम और जिला परिषद चुनावों के बाद दोनों गुट एकजुट हों। उनके सभी नेताओं ने इस दिशा में कदम उठाने की योजना बनाई थी। यह उनकी दिली इच्छा थी और इसे पूरा किया जाना चाहिए।”
देशमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नेताओं की बैठक हो चुकी है और अजित पवार ने अपने फैसलों से पार्टी को लाभ पहुँचाने की रणनीति बनाई थी।
Jubilee Post | जुबिली पोस्ट News & Information Portal
