जुबिली स्पेशल डेस्क
भारत-ईयू ट्रेड डील की घोषणा, शेयर बाजार में तेजी, फॉरेक्स रिजर्व में बढ़ोतरी और डॉलर इंडेक्स में गिरावट के चलते मंगलवार को भारतीय रुपये ने करेंसी मार्केट में दमदार वापसी की।
शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 92 के स्तर तक कमजोर हुआ था, लेकिन मंगलवार को बाजार खुलते ही रुपये में तेज मजबूती देखने को मिली।
शनिवार-रविवार के साप्ताहिक अवकाश और सोमवार को गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद जब मंगलवार को बाजार खुले, तो रुपये ने निवेशकों और ट्रेडर्स को निराश नहीं किया। डॉलर इंडेक्स में आई गिरावट का सीधा फायदा रुपये को मिला, जिससे वह मजबूत होकर उभरा।

किन फैक्टर्स ने दिया रुपये को सहारा?
रुपये की मजबूती के पीछे सबसे बड़ा कारण डॉलर इंडेक्स में कमजोरी रही। इसके अलावा घरेलू शेयर बाजार में तेजी और भारत के मजबूत फॉरेक्स रिजर्व ने भी रुपये को सपोर्ट दिया। हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने रुपये की तेजी पर कुछ हद तक ब्रेक लगाया।
जानकारों का कहना है कि अगर एफआईआई की बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों का दबाव नहीं होता, तो रुपये में और ज्यादा मजबूती देखने को मिल सकती थी।
आगे भी मजबूत रह सकता है रुपया
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में रुपये में और सुधार देखने को मिल सकता है। इसकी बड़ी वजह भारत और यूरोपीय संघ के बीच ट्रेड डील का ऐलान है। इस समझौते के बाद भारत और अमेरिका के बीच भी ट्रेड डील जल्द होने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
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