समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की है कि वे अपनी पत्नी और बीजेपी नेता अपर्णा यादव से तलाक लेना चाहते हैं। प्रतीक यादव के इस बयान के बाद न सिर्फ यादव परिवार में तनाव की स्थिति बनी है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।
प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट में अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपर्णा यादव को ‘स्वार्थी’ और ‘झूठा’ बताते हुए कहा कि वे इस रिश्ते को जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं। प्रतीक के इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चाओं को हवा दे दी है।
अपर्णा यादव वर्तमान में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि वह इस तलाक विवाद को महिला आयोग के समक्ष उठा सकती हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि अपर्णा यादव इस मामले को लेकर आयोग के पास नहीं आई हैं।
बबीता सिंह चौहान ने कहा कि अपर्णा यादव स्वयं सक्षम हैं और अपने निजी मामलों को संभालने में पूरी तरह समर्थ हैं। उन्होंने कहा कि अपर्णा आयोग की उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े बड़े निर्णय लेती रही हैं और अपने व्यक्तिगत फैसले भी स्वयं कर सकती हैं। ऐसे में उन्हें आयोग के पास आने की आवश्यकता नहीं है।
महिला आयोग की हालिया बैठक को लेकर बबीता सिंह चौहान ने बताया कि यह बैठक हर महीने आयोजित की जाती है, जिसमें बीते महीने के कार्यों की समीक्षा और भविष्य में महिलाओं के हित में बनाई जाने वाली योजनाओं पर चर्चा होती है।
वहीं, प्रतीक यादव ने तलाक की घोषणा करते हुए यह भी दावा किया कि वह मानसिक रूप से कठिन दौर से गुजर रहे हैं और उन्हें अपनी पत्नी से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। प्रतीक के अनुसार, अपर्णा यादव अपने परिवार से अधिक अपनी सार्वजनिक पहचान और प्रसिद्धि पर ध्यान देती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस विवाह को लेकर उन्हें अफसोस है और वह इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।
मुलायम सिंह यादव परिवार से जुड़े इस पारिवारिक विवाद पर अब पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसका असर निजी जीवन से आगे राजनीतिक माहौल पर भी दिखाई दे रहा है।
Jubilee Post | जुबिली पोस्ट News & Information Portal
