जुबिली स्पेशल डेस्क
महाराष्ट्र में हुए महानगरपालिका चुनावों के नतीजों के बाद सत्ता गठन को प सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। मुंबई में मेयर कौन बनेगा, इसे लेकर जहां राजनीतिक हलकों में लगातार कयास लगाए जा रहे हैं, वहीं कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में एक अहम राजनीतिक मोड़ देखने को मिला है।
यहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन देने का ऐलान किया है। इस गठजोड़ के बाद MNS की ओर से प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। पार्टी नेता राजू पाटील ने कहा कि सत्ता में शामिल हुए बिना कुछ हासिल नहीं किया जा सकता। वहीं MNS नेता बाला नांदगांवकर ने इसे स्थानीय स्तर पर लिया गया फैसला बताते हुए इस समर्थन को सही ठहराया।
केडीएमसी में बने इस गठबंधन को लेकर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी सांसद संजय राउत और नेता अनिल परब ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी।
संजय राउत ने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी राज ठाकरे से बातचीत हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को कुछ हासिल नहीं हुआ, इसी वजह से ऐसी राजनीतिक भूमिका अपनाई गई है।
वहीं अनिल परब ने कहा कि कल्याण-डोंबिवली में MNS ने जो फैसला लिया है, वह उनका अपना निर्णय है, क्योंकि वह एक स्वतंत्र राजनीतिक दल है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि शिवसेना (उद्धव गुट) के नगरसेवक पूरी तरह उनके साथ हैं। मुंबई के सभी नगरसेवक उनके संपर्क में हैं, कुछ पहले ही आ चुके हैं और कुछ जल्द पहुंचने वाले हैं।
मुंबई में शिवसेना नगरसेवकों का गुट बनाने की प्रक्रिया के तहत नवनिर्वाचित नगरसेवक अनिल परब के साथ आज कोकण भवन पहुंचे। इस दौरान संपर्क में न आने को लेकर चर्चा में रहीं डॉ. सरिता म्हस्के पर उद्धव गुट के नेता वरुण सरदेसाई ने कहा, “वह मेरे संपर्क में हैं।”
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