जुबिली न्यूज डेस्क
नई दिल्ली:इस साल गणतंत्र दिवस परेड 2026 खास और ऐतिहासिक होने जा रही है। देश के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर परेड में इसे केंद्र में रखा गया है। कर्तव्य पथ पर होने वाले भव्य आयोजन के दौरान वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को विशेष श्रद्धांजलि दी जाएगी और राष्ट्रगीत की ऐतिहासिक यात्रा को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने गणतंत्र दिवस समारोह 2026 की प्रमुख रूपरेखा साझा की।
नदियों के नाम पर होंगी दीर्घाएं
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि कर्तव्य पथ पर बनाई गई दीर्घाओं को भारत की प्रमुख नदियों के नाम दिए जाएंगे। इन दीर्घाओं में पुराने चित्र लगाए जाएंगे, जिन पर वंदे मातरम की शुरुआती पंक्तियां अंकित होंगी।
मुख्य मंच पर फूलों से बनी विशेष कलाकृतियों के माध्यम से बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
गणतंत्र दिवस परेड 2026 के मुख्य अतिथि
गणतंत्र दिवस परेड 2026 में
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यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा
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यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
तेजेंद्र कुमार मित्रा की ऐतिहासिक चित्र श्रृंखला होगी मुख्य आकर्षण
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में परेड का मुख्य विषय तेजेंद्र कुमार मित्रा द्वारा वर्ष 1923 में बनाई गई चित्र श्रृंखला होगी। यह श्रृंखला ‘वंदे मातरम एल्बम (1923)’ में प्रकाशित हुई थी और आरडीपी 2026 के दौरान कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित की जाएगी।
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