Thursday - 15 January 2026 - 5:20 PM

I-PAC केस: सुप्रीम कोर्ट में ED का बड़ा आरोप, TMC पर हाईकोर्ट में हंगामा कराने की साजिश का दावा

जुबिली न्यूज डेस्क

नई दिल्ली। I-PAC केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। ED की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दावा किया कि इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट की सुनवाई को बाधित करने के लिए सुनियोजित हंगामा कराने की कोशिश की गई थी।इस मामले की सुनवाई जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ के समक्ष हुई।

मुख्यमंत्री और DGP की भूमिका पर उठे सवाल

सुनवाई की शुरुआत में तुषार मेहता ने I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर हुई तलाशी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ डीजीपी राजीव कुमार की एंट्री पर सवाल खड़े किए।उन्होंने कहा कि जब ED फाइलों की जांच कर रही थी, तब एक  वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ वहां कैसे पहुंचे और जांच से जुड़ी फाइलें वहां से कैसे ले जाई गईं

WhatsApp ग्रुप बनाकर भीड़ जुटाने का आरोप

SG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट के सामने एक WhatsApp चैट की कॉपी भी पेश की।उन्होंने बताया कि TMC नेता रामा हलदर द्वारा बनाए गए एक WhatsApp ग्रुप के जरिए कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भीड़ जुटाने की तैयारी की गई थी

मेहता के मुताबिक,

  • इस ग्रुप का नाम “लीगल माइंड” था

  • उद्देश्य था सुनवाई के दौरान हंगामा खड़ा करना

  • ताकि ED की याचिका पर सुनवाई टल जाए

उन्होंने कहा कि ये मैसेज TMC कार्यकर्ताओं द्वारा अलग-अलग ग्रुप में शेयर किए गए थे।

‘क्या कोर्ट जंतर-मंतर बन गया?’

तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सुनवाई के दौरान नारेबाजी शुरू हो गई, हालात इतने बिगड़ गए कि हाईकोर्ट को सुनवाई स्थगित करनी पड़ी।उन्होंने सवाल उठाया,“क्या अदालत को जंतर-मंतर बना दिया गया?” ED की ओर से तलाशी के दौरान ली गई कई तस्वीरें भी सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गईं, जिन्हें जजों ने देखा। SG मेहता ने कहा कि वह पूरे घटनाक्रम पर शपथ पत्र (Affidavit) भी दाखिल करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

ED के तर्क सुनने के बाद पीठ ने कहा कि वह कलकत्ता हाईकोर्ट में हुई घटनाओं से बेहद परेशान है
मुख्यमंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी माना कि हंगामे की वजह से हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी

‘यह एक पैटर्न बन गया है’

SG तुषार मेहता ने कहा कि“जब भी किसी के खिलाफ जांच होती है, उसी तरह की दखलअंदाजी और हंगामा देखने को मिलता है। यह एक पैटर्न बन चुका है।”

उन्होंने पुराने मामलों का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी राजीव कुमार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री धरने पर बैठ चुकी हैं

कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दोनों पक्षों को नोटिस जारी करते हुए दो हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है

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