Tuesday - 13 January 2026 - 8:31 AM

ईरान में सरकार विरोधी आंदोलन से जुड़ी पहली फांसी की तैयारी!

जुबिली स्पेशल डेस्क

ईरान में बीते कई दिनों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हालात और ज्यादा गंभीर होते जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसी बीच ईरानी अधिकारी देशभर में चल रहे अयातुल्लाह अली खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों से जुड़ी पहली फांसी देने की तैयारी कर रहे हैं।

मानवाधिकार संगठनों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 26 वर्षीय एरफान सोल्तानी को जल्द ही फांसी दी जा सकती है। एरफान तेहरान के पास कराज के फर्दीस इलाके का रहने वाला है। उसे 8 जनवरी को खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसकी फांसी बुधवार को तय की गई है।

आंदोलन में पहली फांसी की आशंका

अब तक ईरान में असहमति को दबाने के लिए मौत की सजा का इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन ज्यादातर मामलों में लोगों को गोली मारकर मौत दी गई। मौजूदा आंदोलन के दौरान एरफान सोल्तानी को फांसी दिए जाने की खबर सामने आई है, जो इस आंदोलन में पहली ऐसी सजा हो सकती है।

इजराइल और अमेरिका के न्यूज आउटलेट Jfeed के मुताबिक, सोल्तानी का मामला आगे चलकर तेजी से दी जाने वाली फांसियों की शुरुआत हो सकता है, ताकि विरोध प्रदर्शनों को डर के जरिए रोका जा सके। नॉर्वे में रजिस्टर्ड कुर्द मानवाधिकार संगठन हेंगॉ (Hengaw) ने इस पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई उद्यमी मारियो नॉफल ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह फांसी कई में से पहली हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी अधिकारी डर का माहौल बनाकर जनता को काबू में रखने की कोशिश कर रहे हैं।

परिवार को भी रखा गया अंधेरे में

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद से ही एरफान सोल्तानी को बुनियादी कानूनी अधिकार नहीं दिए गए। न तो उन्हें वकील से मिलने की अनुमति मिली और न ही अपने बचाव में कोई पक्ष रखने का मौका दिया गया। उनके परिवार को भी मामले से जुड़ी अहम जानकारियों से दूर रखा गया, यहां तक कि यह तक स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें किस एजेंसी ने गिरफ्तार किया।

Jfeed की रिपोर्ट में हेंगॉ संगठन के हवाले से बताया गया है कि 11 जनवरी को सोल्तानी के परिवार को उनकी मौत की सजा की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्हें केवल 10 मिनट के लिए उनसे मिलने की इजाजत दी गई। परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया कि अधिकारियों ने साफ कह दिया है कि सजा अंतिम है और तय समय पर इसे लागू किया जाएगा।

सूत्र के मुताबिक, सोल्तानी की बहन, जो खुद एक वकील हैं, उन्होंने कानूनी रास्तों से मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन अब तक उन्हें न तो केस फाइल देखने दी गई और न ही अपने भाई का प्रतिनिधित्व करने या सजा को चुनौती देने की अनुमति दी गई।

आर्थिक संकट से सत्ता विरोध तक पहुंचा आंदोलन

मारियो नॉफल ने यह भी दावा किया है कि खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों में अब तक करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान में गंभीर आर्थिक संकट के बीच 28 दिसंबर को इन प्रदर्शनों की शुरुआत हुई थी। पहले ये प्रदर्शन तेहरान के बाजारों तक सीमित थे, लेकिन जल्द ही देश के अन्य शहरों में फैल गए।

दुकानदारों, छात्रों और आम नागरिकों के सड़कों पर उतरने के साथ यह आंदोलन बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बदहाल अर्थव्यवस्था के खिलाफ शुरू हुआ, लेकिन अब यह अयातुल्लाह अली खामेनेई की सरकार को हटाने की मांग के साथ बीते कई वर्षों का सबसे बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन चुका है।

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