जुबिली स्पेशल डेस्क
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए देशभर में तीन दिनों के सार्वजनिक शोक की घोषणा की है।
सरकार का कहना है कि यह फैसला प्रदर्शनों और हिंसा के चलते देश को हुए नुकसान को देखते हुए लिया गया है। शोक अवधि के दौरान देश की सभी सरकारी इमारतों और विदेशों में स्थित दूतावासों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
इस दौरान सभी सरकारी उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल आयोजनों को रद्द कर दिया गया है। रेडियो और टेलीविजन पर नियमित मनोरंजन कार्यक्रमों की जगह शोक और धार्मिक प्रसारण किए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, यह निर्णय राष्ट्रीय एकता प्रदर्शित करने और जनता को संवेदनाएं व्यक्त करने का अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया है।

सड़कों पर उतरा जनसैलाब
वहीं दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आम नागरिक भी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए हैं। राजधानी तेहरान की सड़कों पर हजारों लोग हाथों में राष्ट्रीय ध्वज और नारे लगाते हुए नजर आए।
यह जनसमूह हालिया हिंसा और दंगों की निंदा करते हुए शांति और सुरक्षा की बहाली की मांग कर रहा है। लोगों का कहना है कि देश में अस्थिरता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सड़कों पर उमड़ी भीड़ ईरान में हालात की गंभीरता को दर्शा रही है।
मौतों और गिरफ्तारियों के आंकड़े बढ़े
इस बीच अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संस्था के अनुसार, प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 538 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,670 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी का दावा है कि प्रदर्शनकारियों पर की गई सख्त कार्रवाई से हालात और बिगड़ गए हैं।
हालात को देखते हुए ईरान सरकार ने कई इलाकों में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी हैं, जिससे जमीनी स्थिति की सही जानकारी मिलना मुश्किल हो गया है। सूचना ब्लैकआउट के कारण देश के भीतर और बाहर मौजूद लोगों के बीच संपर्क लगभग ठप हो गया है।
Jubilee Post | जुबिली पोस्ट News & Information Portal
