Saturday - 10 January 2026 - 7:28 PM

SIR पर ममता का EC पर हमला, कहा-‘यह उद्दंडता नहीं तो और क्या?’

जुबिली स्पेशल डेस्क

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के दौरान आम नागरिकों को लगातार परेशान किया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया तकनीकी व यांत्रिक बन चुकी है, जिसमें संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का अभाव है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि SIR जैसी प्रक्रिया लोकतंत्र और संविधान की नींव से जुड़ी होती है, लेकिन इसे जिस तरह लागू किया जा रहा है, वह चिंताजनक है।

उन्होंने दावा किया कि अब तक इस प्रक्रिया से जुड़ी घटनाओं में 77 लोगों की मौत, चार आत्महत्या के प्रयास और 17 लोगों के बीमार होकर अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आई हैं। इसके पीछे डर का माहौल, धमकाने की प्रवृत्ति और बिना तैयारी के अत्यधिक कार्यभार को जिम्मेदार बताया गया है।

ममता बनर्जी ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि नोबेल पुरस्कार विजेता और 90 वर्ष से अधिक उम्र के विद्वान प्रो. अमर्त्य सेन से भी पहचान साबित करने को कहा गया।

इसी तरह कवि जॉय गोस्वामी, सांसद व अभिनेता दीपक अधिकारी, क्रिकेटर मोहम्मद शमी और भारत सेवाश्रम संघ के महाराज जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भी इस कथित असंवेदनशील प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक संवेदनशीलता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद उपनाम बदलने वाली महिला मतदाताओं को भी पहचान साबित करने के लिए बुलाया जा रहा है, जो महिलाओं और वास्तविक मतदाताओं का अपमान है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई संवैधानिक संस्था देश की आधी आबादी के साथ ऐसा व्यवहार कर सकती है।

अपने पत्र में ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि ऑब्ज़र्वर और माइक्रो-ऑब्ज़र्वर को बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के संवेदनशील कार्यों में लगाया गया है और कई अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी रिपोर्टें मिली हैं, जिनमें कुछ ऑब्ज़र्वर आम नागरिकों को देशद्रोही तक बता रहे हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए लिखा कि चुनाव आयोग इन तथाकथित ऑब्ज़र्वर को सुरक्षा देने की उम्मीद कर रहा है, जबकि राज्य पुलिस पहले से ही गंगासागर मेले में भारी तैनाती में जुटी है।

पुलिस का मुख्य कर्तव्य आम नागरिकों की सुरक्षा है, न कि ऑब्ज़र्वर को संरक्षण देना। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में तथाकथित ‘लॉजिकल गड़बड़ियों’ के नाम पर राजनीतिक पक्षपात के साथ चुनिंदा रूप से कार्रवाई की जा रही है।

Radio_Prabhat
English

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com