कौन हैं मारिया कोरिना मचाडो, क्या अब उन्हें मिलेगी वेनेजुएला की कमान?

  • मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदले वेनेजुएला के सियासी समीकरण,
  • ‘आयरन लेडी’ मारिया कोरिना मचाडो पर टिकी निगाहें

जुबिली स्पेशल डेस्क

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच विपक्ष की सबसे प्रभावशाली नेता मारिया कोरिना मचाडो चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। उन्हें वेनेजुएला की ‘आयरन लेडी’ कहा जाता है और साल 2025 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वेनेजुएला में नई सरकार के गठन तक प्रशासनिक नियंत्रण अमेरिका के पास रहेगा।

मचाडो अमेरिका की वेनेजुएला नीति की खुलकर समर्थक रही हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले राजनीतिक ढांचे में उनकी भूमिका अहम हो सकती है। हालांकि, मचाडो ने खुद राष्ट्रपति पद के लिए एडमंडो गोंजालेज का नाम आगे बढ़ाया है।

मादुरो को पहले ही दी गई थी चेतावनी

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, मारिया कोरिना मचाडो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि मादुरो को सत्ता छोड़ने के लिए पहले ही चेताया गया था।

उन्होंने दावा किया कि मादुरो के इनकार के बाद ही यह कार्रवाई की गई। मचाडो ने यह भी कहा कि 2024 के राष्ट्रीय चुनाव में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने गोंजालेज को विजेता माना था।

कौन हैं मारिया कोरिना मचाडो

मारिया कोरिना मचाडो उदारवादी विचारधारा की नेता हैं और पिछले दो दशकों से वेनेजुएला में लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष चुनावों के लिए संघर्ष कर रही हैं।

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज और बाद में मादुरो सरकार की नीतियों का खुलकर विरोध किया। सरकार के कथित दमनात्मक रवैये के कारण उन्हें लंबे समय तक देश से बाहर रहना पड़ा।

मचाडो डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला नीति का समर्थन करती रही हैं और मुक्त बाजार व्यवस्था व अमेरिकी निवेश के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को दोबारा मजबूत करने की बात कहती हैं। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि सत्ता सीधे मचाडो को सौंपी जाएगी या किसी अंतरिम व्यवस्था के तहत नई सरकार बनाई जाएगी।

नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मान

मारिया कोरिना मचाडो को शांति और लोकतांत्रिक संघर्ष के लिए साल 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था। सुरक्षा कारणों के चलते यह पुरस्कार उनकी बेटी ने उनकी ओर से ग्रहण किया था। एक कारोबारी परिवार से आने वाली मचाडो ने समाजसेवा के जरिए राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे वेनेजुएला की सबसे प्रभावशाली विपक्षी नेता बनकर उभरीं।

उपराष्ट्रपति का विरोध, मादुरो की रिहाई की मांग

इस बीच वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका से मादुरो की रिहाई की मांग की है। उन्होंने मादुरो को देश का वैध राष्ट्रपति बताया। अमेरिकी न्याय विभाग ने मादुरो और उनकी पत्नी पर नार्को-आतंकवाद से जुड़े षड्यंत्र के आरोप लगाए हैं, जिसके बाद दोनों को न्यूयॉर्क ले जाया गया है।

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