हर मैच में रन बरस रहे, विजय हजारे में UP का कहर

- उत्तर प्रदेश टीम का बेहतरीन प्रदर्शन जारी
अशोक बाम्बी
उत्तर प्रदेश की टीम विजय हजारे ट्रॉफी में अपने शानदार प्रदर्शन को लगातार जारी रखे हुए है। धमाकेदार बल्लेबाजी के दम पर टीम ने टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत दर्ज की है।
अब उत्तर प्रदेश को अपना अगला मुकाबला जम्मू एंड कश्मीर के खिलाफ खेलना है, जिसके बाद विदर्भ और बंगाल जैसी मजबूत टीमों से भिड़ंत होगी।
भले ही ये तीनों मुकाबले कठिन माने जा रहे हों, लेकिन जिस तरह का जबरदस्त फॉर्म उत्तर प्रदेश की टीम ने दिखाया है, उससे यही प्रतीत होता है कि अगले मैचों में भी जीत हासिल करने में टीम को खास परेशानी नहीं होगी।
रिंकू सिंह की कप्तानी में उत्तर प्रदेश की टीम अब तक शानदार प्रदर्शन कर रही है। टीम ने दो मैचों में लगभग 370 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया है, जबकि हैदराबाद के खिलाफ 327 और असम के खिलाफ 308 रन के लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल किया। यह सब उत्तर प्रदेश की मजबूत बल्लेबाजी का ही नतीजा है।
आर्यन ज्वेल और गोस्वामी ने जहां पारी की शानदार शुरुआत की, वहीं इसके बाद ध्रुव जुरेल और कप्तान रिंकू सिंह ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को हमेशा मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
अब तक आर्यन ने दो शतक, ध्रुव जुरेल ने एक शतक और रिंकू सिंह ने भी एक शतकीय पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश की बल्लेबाजी इसी तरह जारी रहेगी और टीम लगातार बड़े स्कोर खड़े करती रहेगी। रिजवी और प्रियम गर्ग को लगातार मौके दिया जाना भी एक सराहनीय फैसला साबित हो रहा है।

हालांकि, तेज गेंदबाजी विभाग से अभी उतनी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन देखने को नहीं मिला है। अब तक के मैचों में त्यागी काफी खर्चीले साबित हुए हैं, जबकि चौधरी ने किफायती गेंदबाजी की है। स्पिन गेंदबाजों की बात करें तो जीशान अंसारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार मैचों में अब तक 14 विकेट झटके हैं।
इसके अलावा विप्रज निगम और प्रशांत वीर ने भी अपनी सटीक गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया है। कुल मिलाकर यह तीनों गेंदबाज अब तक काफी सफल रहे हैं।
इसी उम्मीद के साथ कि उत्तर प्रदेश की टीम आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करती रहेगी, मैं अपने सभी इष्ट मित्रों और खिलाड़ियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आशा है कि आने वाले वर्ष में उत्तर प्रदेश का क्रिकेट और अधिक फले-फूलेगा।
(लेखक भारतीय टीम के पूर्व मैनेजर और यूपी के पूर्व रणजी क्रिकेटर है)


