ट्रंप का दावा, 10 महीनों में 8 युद्ध खत्म’, टैरिफ को बताया सबसे बड़ा हथियार

जुबिली न्यूज डेस्क

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने विवादित और बड़े दावों वाले बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। देश को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके फैसलों और नीतियों की वजह से दुनिया के कई बड़े टकराव खत्म हुए हैं। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने सिर्फ 10 महीनों के भीतर 8 युद्ध समाप्त कराए, और इसके पीछे उनकी सबसे बड़ी ताकत टैरिफ नीति रही।

 ‘टैरिफ मेरा पसंदीदा शब्द’

79 वर्षीय ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि टैरिफ सिर्फ आर्थिक हथियार नहीं, बल्कि वैश्विक दबाव बनाने का सबसे असरदार तरीका है।
उन्होंने दोहराया कि “टैरिफ मेरा सबसे पसंदीदा शब्द है” और यही उनकी राजनीति और रणनीति की पहचान बन चुका है।

 ‘मिडिल ईस्ट में 3000 साल बाद शांति’

अपने भाषण में ट्रंप ने दावा किया कि:

  • ईरान के परमाणु खतरे को खत्म किया गया

  • गाजा युद्ध समाप्त कराया

  • मध्य पूर्व में 3000 साल बाद शांति स्थापित हुई
    उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की गई, चाहे वे जीवित हों या मृत।

हालांकि, ट्रंप के इन बयानों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है, क्योंकि कई विशेषज्ञ इन दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मान रहे हैं।

 2026 एजेंडे में गिनाईं उपलब्धियां

अपने 2026 के एजेंडे से जुड़े भाषण में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने:

  • अमेरिका की वैश्विक ताकत बहाल की

  • राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत किया

  • विदेश नीति में अमेरिका को फिर से निर्णायक भूमिका में पहुंचाया

उनका कहना है कि दुनिया अब अमेरिका को पहले से ज्यादा गंभीरता से लेती है।

 महंगाई पर चुप्पी, टैरिफ से कमाई पर जोर

अमेरिका में बढ़ती महंगाई और आयातित सामान की कीमतों पर ट्रंप ने ज्यादा बात नहीं की।
इसके बजाय उन्होंने कहा कि:

  • टैरिफ से अमेरिका को रिकॉर्ड राजस्व मिला

  • इससे अर्थव्यवस्था मजबूत हुई

  • रिपब्लिकन सरकार द्वारा किए गए टैक्स कट्स से नागरिकों और कारोबारियों को राहत मिली

 किन देशों पर लगा टैरिफ?

ट्रंप प्रशासन के दौरान कनाडा, मैक्सिको, ब्राजील और भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाए गए।
ट्रंप का दावा है कि इससे:

  • अमेरिकी उद्योगों को संरक्षण मिला

  • घरेलू रोजगार के अवसर बढ़े

वहीं आलोचकों का कहना है कि इन नीतियों से वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ा और आम जनता पर महंगाई का बोझ पड़ा।

 लोकप्रियता में गिरावट, फिर भी आक्रामक रुख

हालिया सर्वे के मुताबिक, बहुत कम अमेरिकी नागरिक ट्रंप के आर्थिक प्रबंधन से संतुष्ट हैं।
इसके बावजूद ट्रंप ने अपने भाषण में इस मुद्दे पर कोई सफाई नहीं दी और अपने फैसलों को सही ठहराते रहे।

 बाइडेन और कमला हैरिस पर हमला

संबोधन के दौरान ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि:

  • सत्ता संभालते वक्त देश की हालत खराब थी

  • महंगाई, आव्रजन और सामाजिक समस्याएं पिछली डेमोक्रेट सरकार की देन हैं
    ट्रंप का दावा है कि उनकी सरकार अब इन हालातों को सुधार रही है।

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