अमेरिका के बाद किस देश ने भारत पर लगाया 50% टैरिफ ?

जुबिली न्यूज डेस्क 

10 दिसंबर को मैक्सिको की सीनेट ने एक ऐतिहासिक और बड़ा बिल पास किया है, जिसके तहत चीन, भारत, साउथ कोरिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख एशियाई देशों से आने वाले उत्पादों पर 50% तक टैरिफ लगाने की मंजूरी दी गई है। यह फैसला बिल्कुल डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीति जैसा है, जिसे 2026 से लागू किया जाएगा।यह मैक्सिको द्वारा अमेरिकी दबाव और संरक्षणवाद (Protectionism) की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है।

किन देशों पर सबसे ज्यादा असर?—गैर-FTA देशों को झटका

मैक्सिको ने जिन 1400 प्रोडक्ट्स पर टैरिफ बढ़ाया है, उनमें शामिल हैं—

  • ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स

  • कपड़े और फुटवियर

  • प्लास्टिक, स्टील और एल्यूमिनियम

  • फर्नीचर और खिलौने

  • ग्लास और घरेलू सामान

जो देश मैक्सिको के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) नहीं रखते, उन्हें सबसे बड़ा नुकसान होगा—इसमें भारत भी शामिल है।

कैसे पास हुआ बिल?

  • 10 दिसंबर: लोअर हाउस में पास

  • सीनेट वोटिंग: 76-5 से भारी समर्थन

  • राष्ट्रपति शीनबॉम: सितंबर 2025 में प्रस्ताव पेश कर चुकी थीं, अब जल्द साइन करेंगी

इससे यह लगभग तय है कि नया टैरिफ ढांचा 2026 से लागू होगा।

अमेरिका को खुश करने की रणनीति?

रिपोर्ट्स के मुताबिक—

  • डोनाल्ड ट्रंप का मैक्सिको पर चीन से दूरी बनाने का दबाव बढ़ रहा है

  • 2026 में US-Mexico-Canada Agreement (USMCA) की समीक्षा होनी है

  • अमेरिका का आरोप है कि चीन, मैक्सिको को बैकडोर एंट्री की तरह उपयोग कर रहा है

इसी कारण मैक्सिको भी अमेरिकी संरक्षणवादी रास्ते पर चल रहा है।

फायदे

  • मैक्सिको की स्थानीय फैक्ट्रियों को मजबूती

  • 3 लाख से ज्यादा नौकरियों को बचाने का दावा

नुकसान

  • इम्पोर्टेड पार्ट्स महंगे होंगे

  • महंगाई बढ़ सकती है

  • मैक्सिकन बिज़नेस समूहों ने इसका विरोध किया है

भारत-मैक्सिको व्यापार पर क्या होगा असर?

भारत और मैक्सिको का व्यापार पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ा है।

भारत-मैक्सिको व्यापार 

वर्ष व्यापार
2022 11.4 अरब डॉलर
2023 10.6 अरब डॉलर
2024 11.7 अरब डॉलर (ऑल-टाइम हाई)

2024 में भारत का भारी ट्रेड सरप्लस

  • भारत का निर्यात: 8.9 अरब डॉलर

  • भारत का आयात: 2.8 अरब डॉलर

  • ट्रेड सरप्लस: लगभग 6.1 अरब डॉलर

नया टैरिफ सीधे भारतीय निर्यात को प्रभावित करेगा, खासकर—

  • ऑटो पार्ट्स

  • इंजीनियरिंग सामान

  • स्टील और मेटल उत्पाद

  • फर्नीचर व प्लास्टिक उत्पाद

Related Articles

Back to top button