- देश के 9 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची संशोधन को लेकर भ्रम
- चुनाव आयोग ने दिया ऑनलाइन समाधान
देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची शुद्धिकरण के लिए फॉर्म भरने और जमा करने की प्रक्रिया को लेकर वोटरों में काफी भ्रम की स्थिति है। कई क्षेत्रों से शिकायतें आ रही हैं कि बीएलओ (BLO) समय पर घर नहीं पहुंच रहे, जिसके कारण लोग यह सुनिश्चित नहीं कर पा रहे कि उनका एन्यूमरेशन फॉर्म जमा हुआ भी है या नहीं।
इस स्थिति को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के लिए फॉर्म की स्थिति ऑनलाइन चेक करने की सुविधा शुरू की है, ताकि लोग घर बैठे यह पता लगा सकें कि उनका फॉर्म बीएलओ ने अपलोड किया है या नहीं।
घर बैठे चेक करें-आपका फॉर्म जमा हुआ या नहीं
जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया जारी है, वहां के मतदाता voters.eci.gov.in/enumeration-form-new पर जाकर यह देख सकते हैं कि उनका फॉर्म ऑनलाइन अपलोड हुआ है या नहीं।
चुनाव आयोग ने वोटर सर्विस पोर्टल पर एक सरल चार-चरणीय प्रक्रिया लागू की है ताकि लोग अपने फॉर्म स्टेटस की पुष्टि आसानी से कर सकें।
यह सुविधा उन मतदाताओं के लिए भी उपलब्ध है जिन्होंने फॉर्म खुद ऑनलाइन सबमिट किया है या बीएलओ को ऑफलाइन दिया है।

कैसे जांचें कि आपका फॉर्म अपलोड हुआ है? (4 आसान स्टेप)
स्टेप 1: voters.eci.gov.in खोलें और Fill Enumeration Form विकल्प चुनें।
स्टेप 2: मोबाइल नंबर या EPIC नंबर, कैप्चा और OTP के माध्यम से लॉगिन करें।
स्टेप 3: अपना राज्य चुनें और EPIC (वोटर ID) नंबर दर्ज करें।
स्टेप 4: स्क्रीन पर दिखेगा
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यदि फॉर्म अपलोड हो चुका है: “आपका फॉर्म पहले ही सबमिट किया जा चुका है।”
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यदि फॉर्म अपलोड नहीं हुआ: पोर्टल खाली फॉर्म दिखाएगा, यानी अभी डेटा अपलोड नहीं हुआ है।
फॉर्म स्टेटस में समस्या दिखे तो क्या करें?
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यदि अपलोड का स्टेटस अभी नहीं दिखता, तो कुछ समय इंतजार करें क्योंकि कई क्षेत्रों में BLO चरणबद्ध तरीके से डेटा अपलोड कर रहे हैं।
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अगर जानकारी गलत दिखती है या स्टेटस मेल नहीं खाता, तो अपने स्थानीय BLO से संपर्क करें।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी वोटर का फॉर्म BLO द्वारा अपलोड नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फॉर्म स्टेटस चेक करना क्यों जरूरी है?
एन्यूमरेशन फॉर्म सही और अद्यतन मतदाता सूची बनाने की मूल प्रक्रिया है।
ऑनलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम से––
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पारदर्शिता बढ़ती है,
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त्रुटियों की संभावना कम होती है,
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और यह सुनिश्चित होता है कि मतदाता सूची में आपका नाम और विवरण सही दर्ज हों।
चुनाव आयोग का कहना है कि स्टेटस चेक करने में 1–2 मिनट से अधिक समय नहीं लगता, इसलिए हर वोटर को अपने फॉर्म का सत्यापन अवश्य करना चाहिए।
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