“मैं आतंकी नहीं हूं” — कहकर 17 बच्चों को बंधक बनाया, पवई में मचा हड़कंप

जुबिली न्यूज डेस्क

मुंबई के पवई इलाके में बुधवार शाम एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जब एक व्यक्ति ने फिल्म शूटिंग का झांसा देकर 17 बच्चों को स्टूडियो में बंधक बना लिया। यह घटना RA स्टूडियो की बताई जा रही है, जहां आरोपी रोहित आर्या ने बच्चों को बुलाकर यह करतूत की।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
जॉइंट कमिश्नर सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि घटना के बाद फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।

घटना की 10 बड़ी बातें

  1. आरोपी रोहित आर्या ने शूटिंग के नाम पर बच्चों को स्टूडियो बुलाया था।

  2. घटना पवई इलाके के RA स्टूडियो में हुई।

  3. बच्चे मुंबई और आसपास के इलाकों से शूटिंग के लिए पहुंचे थे।

  4. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

  5. आरोपी ने बंधक बनाने के बाद एक वीडियो मैसेज जारी किया।

  6. सभी 17 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया

  7. पुलिस बाथरूम के रास्ते कमरे में दाखिल हुई और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।

  8. कमरे से एयरगन और कुछ केमिकल बरामद हुए हैं।

  9. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने आरोपी को पहले कभी नहीं देखा था।

  10. फॉरेंसिक और क्राइम ब्रांच की टीम जांच में जुटी है।

क्या कहा आरोपी ने अपने वीडियो में

आरोपी रोहित आर्या ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा,“मैं रोहित आर्या हूं। सुसाइड करने की बजाय मैंने एक प्लान बनाया और कुछ बच्चों को हॉस्टेज कर लिया। मेरी डिमांड बहुत बड़ी नहीं है — बस कुछ सवाल हैं जिन पर बात करनी है। मैं न आतंकी हूं, न पैसों की डिमांड कर रहा हूं। बस बातचीत के लिए बच्चों को बंधक बनाया है।”

वीडियो में उसने यह भी कहा कि,“मैं अकेला नहीं हूं, मेरे साथ कई लोग हैं। मैं कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता, बस बात करके सॉल्यूशन देना चाहता हूं।”

पुलिस का बयान

पुलिस ने बताया कि करीब 1:45 बजे घटना की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर पाया गया कि कमरे में एयरगन और कुछ केमिकल मौजूद थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी अकेला था, हालांकि उसके “साथियों” के दावे की जांच की जा रही है।

कमरे में एक बुजुर्ग व्यक्ति और एक अन्य शख्स भी मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है।
फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि बंधक बनाने की असली वजह और मानसिक स्थिति का पता लगाया जा सके।

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