UN में नेतन्याहू के बायकॉट पर खामेनेई बोले-सबसे तिरस्कृत शासन है ज़ायोनी सरकार

  • ईरान के सर्वोच्च नेता का नेतन्याहू पर निशाना, UNGA भाषण के दौरान विरोध

तेहरान/न्यूयॉर्क. ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर तीखा हमला बोला है।

खामेनेई ने कहा कि “ज़ायोनी शासन दुनिया का सबसे अधिक तिरस्कृत और अलग-थलग शासन है।” उन्होंने यह टिप्पणी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की और इसके साथ एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के हॉल में नेतन्याहू भाषण दे रहे हैं और उनके सामने कई कुर्सियाँ खाली दिखाई दे रही हैं।

नेतन्याहू के भाषण का विरोध

नेतन्याहू ने शुक्रवार को UNGA में भाषण दिया था। जैसे ही वह मंच पर पहुंचे, कई देशों के प्रतिनिधियों ने बॉयकॉट करते हुए वॉकआउट कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरब और मुस्लिम देशों के साथ कई अफ्रीकी और कुछ यूरोपीय देशों के डेलिगेट्स भी हॉल से बाहर चले गए। हॉल में मौजूद कुछ देशों के प्रतिनिधि उनके संबोधन के दौरान शोर मचाते रहे। हालांकि, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल नेतन्याहू के समर्थन में मौजूद रहा।

अपने संबोधन में नेतन्याहू ने कहा कि इज़रायल गाज़ा में अपना अभियान “जितनी जल्दी हो सके” पूरा करेगा। इससे पहले उन्होंने इज़रायली सेना को गाज़ा पट्टी के आसपास लाउडस्पीकर लगाने का आदेश दिया था, ताकि उनका संदेश सीधे फिलिस्तीनियों तक पहुंच सके।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ता इज़रायल

एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, इस वॉकआउट ने यह संकेत दिया कि इज़रायल अंतरराष्ट्रीय मंच पर धीरे-धीरे अलग-थलग होता जा रहा है। उसके साथ खुले तौर पर खड़े होने वाले देशों की संख्या सीमित रह गई है, जिनमें अमेरिका प्रमुख है।

ईरान की शर्त

इसी बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने गुरुवार (25 सितंबर) को कहा था कि तेहरान को इस बात की गारंटी चाहिए कि इज़रायल उसके परमाणु ठिकानों पर हमला नहीं करेगा। तभी ईरान अपने न्यूक्लियर एनरिचमेंट प्रोग्राम और ऊर्जा उत्पादन को सामान्य स्तर पर लाने पर विचार कर सकता है।

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