जुबिली स्पेशल डेस्क
पटना। बिहार में शिक्षकों की बहाली को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अब से नियुक्तियों में बिहार के निवासियों (डोमिसाइल) को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग को नियमों में आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह नई नीति TRE-4 से ही लागू होगी। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि TRE-5 का आयोजन 2026 में किया जाएगा और उससे पहले STET परीक्षा कराई जाएगी।
क्या बोले नीतीश कुमार?
मुख्यमंत्री ने कहा, “नवंबर 2005 में हमारी सरकार बनने के बाद से ही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में लगातार काम किया गया है। बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति हुई है और अब बहाली प्रक्रिया में बिहार के डोमिसाइल को वरीयता दी जाएगी।”
तेजस्वी यादव का तीखा तंज
मुख्यमंत्री के इस ऐलान पर आरजेडी नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार विपक्ष की घोषणाओं की “कॉपी और नकल” कर रही है। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर तेजस्वी यादव ने लिखा:”अपार प्रसन्नता है कि एनडीए सरकार ने डोमिसाइल नीति को लागू करने की हमारी मांग को पहले खारिज कर दिया था और अब वही नीति चुपचाप लागू कर रही है। यह हमारी अन्य योजनाओं की तरह एक और ‘नकल’ है।”
“अपनी कोई नीति नहीं है इस सरकार की” : तेजस्वी
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार बीते 20 वर्षों में अपनी कोई स्पष्ट नीति, दृष्टिकोण या विजन नहीं बना सकी है। उन्होंने कहा:”यह थकी-हारी सरकार अब हमारी हर योजना की नकल कर रही है – चाहे वह सामाजिक सुरक्षा पेंशन हो, सरकारी नौकरी की बात हो या एक करोड़ रोजगार देने की योजना।”उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “विपक्ष से इनका डर अच्छा है।”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह डोमिसाइल संबंधी निर्णय शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है। वहीं विपक्ष इसे अपनी घोषणाओं की ‘राजनीतिक जीत’ मान रहा है। अब देखना यह होगा कि यह नई नीति आने वाले चुनावी माहौल में किस तरह का प्रभाव डालती है।
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