‘बेटा डिप्रेशन में है…’ भारतीय क्रिकेट में एक चयन की कहानी जो चौंका देगी

जुबिली स्पेशल डेस्क

इंग्लैंड दौरे के ओवल टेस्ट में मौका ना मिलने के बाद युवा बल्लेबाज़ अभिमन्यु ईश्वरन का टेस्ट डेब्यू एक बार फिर टल गया है।

इस सिलसिले में उनके पिता रंगनाथन ईश्वरन ने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए टीम मैनेजमेंट और खासतौर पर हेड कोच गौतम गंभीर से कई सवाल पूछे हैं।

रंगनाथन ने कहा, “अभिमन्यु लगातार घरेलू क्रिकेट में रन बना रहा है। उसने इंग्लैंड में इंडिया ए के लिए दो मैचों में (11 और 80) तथा (8 और 68) रन बनाए, लेकिन फिर भी टीम इंडिया ने उसे नजरअंदाज किया। ओवल टेस्ट में चार बदलाव किए गए, फिर भी उसके नाम पर विचार नहीं हुआ।”

उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे की जगह करुण नायर को तरजीह दी गई, जबकि अभिमन्यु ने बीते एक साल में करीब 864 रन बनाए हैं। “करुण नायर भी अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन जब अभिमन्यु फॉर्म में था, करुण तब टीम में भी नहीं थे। घरेलू टूर्नामेंट्स में उनका नाम नहीं दिखा। फिर तुलना कैसे हो सकती है?”

अभिमन्यु के पिता ने यह भी खुलासा किया कि लगातार अनदेखी के चलते उनका बेटा मानसिक रूप से टूट रहा है। “मैं उसे हर सीरीज के दौरान समझाता रहा कि मेहनत रंग लाएगी। लेकिन अब वो डिप्रेशन में चला गया है, और यह स्वाभाविक भी है। एक खिलाड़ी अपना सबकुछ दे रहा है, फिर भी उसे मौके नहीं मिल रहे।”

उन्होंने आईपीएल को लेकर भी सवाल उठाए “कुछ खिलाड़ियों को सिर्फ आईपीएल की परफॉर्मेंस पर टेस्ट टीम में शामिल कर लिया जाता है। लेकिन टेस्ट चयन के लिए आधार रणजी, दलीप और ईरानी ट्रॉफी होनी चाहिए, ना कि टी20 लीग।”

अभिमन्यु ईश्वरन 2021 से टीम इंडिया के साथ स्टैंडबाय और स्क्वॉड सदस्य के रूप में जुड़े रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें डेब्यू करने का मौका नहीं मिला। 2022 में वह पहली बार ऑफिशियल टीम में शामिल किए गए थे, लेकिन प्लेइंग इलेवन से अब भी बाहर हैं।

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