जुबिली स्पेशल डेस्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर समझौता नहीं हो सका है। दरअसल अखिलेश यादव कांग्रेस को जितनी सीटें ऑफर कर रहे हैं, वो शायद कांग्रेस लेने को तैयार नहीं है।
इस वजह से दोनों के बीच तालमेल की भारी कमी दिख रही है। इतना ही नहीं अखिलेश यादव के राहुल गांधी के साथ न्याय यात्रा में जाने को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
इस बीच अखिलेश यादव ने एक बार फिर कांग्रेस को नया ऑफर देते हुए17 लोकसभा सीटों का ऑफर दिया है। माना जा रहा है कि ये ऑफर कांग्रेस के लिए अंतिम हो सकता है।
अगर कांग्रेस नहीं मानती है तो सपा अकेले ही यूपी में ताल ठोंकती हुई नजर आयेंगी। कांग्रेस की मुरादाबाद और बलिया जैसी सीट चाहती है, जिसको लेकर दोनों पार्टियों के बीच बातचीत जारी है और दोनों पार्टी को उम्मीद है कि दोनों के बीच बातचीत सफल रहेगी।
मुरादाबाद सपा का गढ़ माना जाता है क्योंकि इस सीट पर उसे जीत मिली थी और बलिया में सपा मजबूत मानी जाती है लेकिन बलिया की सीट समाजवादी पार्टी से कांग्रेस अपने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के लिए चाहती है। इसी पर बातचीत हो रही है और दोनों दल बीच का रास्ता तलाश रहे हैं।
माना जा रहा है कि इस पर आज रात तक कोई फैसला हो जायेगा। अगर बात नहीं बनी तो अखिलेश यादव अपनी राह अलग कर सकते हैं और सीट शेयरिंग पर बात बनने के बाद ही सपा भारत जोड़ो न्याय यात्रा का हिस्सा बनेंगी।
बता दे कि आज समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 11 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। पार्टी की लिस्ट में गौर करे तो इसमें बसपा सांसद अफजाल अंसारी को गाजीपुर से टिकट दिया है जबकि इसके अलावा मुजफ्फरनगर से हरेंद्र मलिक, आंवला से नीरज मौर्य, शाहजहांपुर से राजेश कश्यप, हरदोई से ऊषा वर्मा, मिश्रिख से रामपाल राजवंशी, प्रतापगढ़ से एसपी सिंह पटेल, बहराइज से रमेश गौतम, गोंडा से श्रेया वर्मा और चंदौली से वीरेंद्र सिंह को लोकसभा का टिकट दिया है।
सपा ने इससे पहले 16 नामों का ऐलान किया था। अखिलेश यादव का ऐलान तब आया है जब यूपी में राहुल गांधी की यात्रा चल रही है और अखिलेश यादव के इसमें शामिल होने को लेकर अभी तय नहीं है।

दरअसल सीट शेयरिंग को लेकर अब तक बात नहीं बनी है। ऐसे में राहुल गांधी की यात्रा को लेकर अब अखिलेश यादव ने बड़ी मांग कर डाली है।
दरअसल अखिलेश यादव ने एक बार फिर साफ किया है कि वो रायबरेली में राहुल गांधी की यात्रा में मंच शेयर करने से पहले सीटों का बंटवारा तय हो जाना चाहिए, क्योंकि अगर सीटों का बंटवारा नहीं होता है और अगर अकेले चुनाव लडऩे पर मजबूर हो सकते हैं। इस वजह से वो मंय शेयर नहीं करने का फैसला भी ले सकते हैं।
इस बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के सवाल पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा,”मुझे उम्मीद है कि वह कल यात्रा में शामिल होंगे। इससे पहले, अपना दल नेता पल्लवी पटेल भी यात्रा में शामिल हुईं हैं।”
लोकसभा चुनाव में अब 90 दिन का वक्त रह गया है और ऐसे में सपा चाहती है सीट शेयरिंग को लेकर अब बात पूरी हो जानी चाहिए नहीं तो चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कांग्रेस के कुनबे में घमासान मचा हुआ है जबकि सपा को जयंत चौधरी ने भी तगड़ा झटका दिया है। उन्होंने गठबंधन तोड़ दिया है और एनडीए में चले गए है। इस वजह से अब यूपी में सिर्फ अखिलेश यादव पर ही सारा दारोमदार है।
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