भगवान राम मांसाहारी थे’, ये कहने वाले एनसीपी एमएलए पर एक और एफआईआर

मुंबई पुलिस ने भगवान राम पर विवादित टिप्पणी के मामले में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के विधायक जितेंद्र आव्हाड के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि उपनगरीय इलाके अंधेरी के एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात विधायक जितेंद्र आव्हाड के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कराई गई है.

शुक्रवार को ही पुणे में उनके ख़िलाफ़ एक केस दर्ज कराया गया था. एनसीपी के शरद पवार गुट के विधायक जितेंद्र आव्हाड महाराष्ट्र विधानसभा में ठाणे ज़िले की मुंब्रा-कलवा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. मुंबई में जितेंद्र आव्हाड के ख़िलाफ़ ये एफआईआर विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय नेता गौतम रावरिया ने दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने एक टीवी चैनल पर जितेंद्र आव्हाड को भगवान राम के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए सुना.

जितेंद्र आव्हाड के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 295 (ए) के तहत धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज कराया गया है. तीन दिन पहले जितेंद्र आव्हाड ने बुधवार को शिरडी में पार्टी के एक कार्यक्रम में ये कहते विवाद छेड़ दिया था कि “भगवान राम मांसाहारी हैं. वे शिकार करते थे और उसे खाते थे. वे हमारे हैं, बहुजनों के हैं. आप लोग (बीजेपी के लोग) हमें शाकाहारी बना रहे हैं लेकिन हम भगवान राम का अनुसरण करते हैं और मटन खाते हैं.”

‘बहुजन’ शब्द का इस्तेमाल भारतीय समाज में ग़ैरब्राह्मणों के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. हालांकि बाद में जितेंद्र आव्हाड ने अपने बयान पर खेद भी जताया. गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में उन्होंने कहा कि 22 तारीख़ तक कोई तथ्यों पर तो बात करेगा नहीं, केवल भावनाओं पर बात होगी. इसलिए वे अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हैं.

हालांकि इस दौरान उन्होंने 1891 में छपी वाल्मीकि रामायण के किसी संस्करण के दूसरे अध्याय ‘अयोध्या कांड’ के 52वें सर्ग के 102 नंबर (अंतिम) के श्लोक का प्रमाण दिया. उन्होंने दावा किया कि इस श्लोक में राम के मांस खाने का उल्लेख है. उन्होंने कहा कि किताब में जो लिखा है, मैंने बस वही कहा है. जितेंद्र आव्हाड ने कहा, “फिर भी लोकभावना का आदर करते हुए… मैं खेद व्यक्त करता हूं.”

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