पुरस्कारों से घिन आने लगी है… और विनेश फोगाट ने कर दिया बड़ा ऐलान

जुबिली स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का चुनाव हो गया था बता दें कि बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह ने विजय हासिल की थी लेकिन खिलाडिय़ों को उनकी जीत रास नहीं आ रही थी और लगातार विवाद हो रहा था।
साक्षी मलिक ने नाराज होकर कुश्ती से संन्यास ले लिया था जबकि बजरंग पुनिया ने अपना अवॉर्ड वापस कर दिया था। इसके बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाया था और नए अध्यक्ष संजय सिंह की मान्यता रद्द कर दी।
कुश्ती संघ निलंबित, करने का फरमान जारी कर दिया था । पहलवानों के ‘दंगल’ के बीच सरकार का धोबी पछाड़ दांव से सभी हैरान है।

अब विनेश फोगाट ने भी पदक लौटाने को लेकर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने पीएम मोदी को लेटर लिखा और जानकारी दी है कि वह अपना मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड वापस करने जा रही हैं। विनेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह अपना मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन अवार्ड वापस कर रही हैं। इस हालत में पहुंचाने के लिए ताकतवर का बहुत बहुत धन्यवाद।
विनेश ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम चिट्ठी लिखकर कहा

विनेश ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम चिट्ठी लिखकर कहा कि साक्षी मलिक ने कुश्ती छोड़ दी है और बजरंग पूनिया ने अपना पद्मश्री लौटा दिया है।

देश के लिए ओलंपिक पदक मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को यह सब करने के लिए किस लिए मजबूर होना पड़ा, हय सब सारे देस को पता है और आप तो देश के मुखिया हैं तो आप तक यह भी मामला पहुंचा होगा।
प्रधानमंत्री जी, मैं आपके घर की बेटी विनेश फोगाट हूं और पिछले एक साल से जिस हाल में हूं, यह बताने के लिए आपको यह पत्र लिख रही हूं।
विनेश ने चिट्ठी में कहा कि कुश्ती की महिला पलवानों ने पिछले कुछ सालों में जो कुछ भोगा है. उससे समझ आता ही होगा कि हम कितना घुट-घुटकर जी रही हैं।
अब साक्षी ने भी संन्यास ले लिया है, जो शोषणकर्ता है उसने भी अपना दबदबा रहने की मुनादी कर दी है. यहां तक कि उसने बहुत भौंडे तरीके से नारे भी लगवाए हैं।
फोगाट ने कहा कि आप अपनी जिंदगी के सिर्फ पांच मिनट निकालकर उस आदमी के मीडिया में दिए गए बयानों को सुन लीजिए, आपको पता लग जाएगा कि उसने क्या-किया किया है. उसने महिला पहलवानों को मंथरा बताया है, महिला पहलवानों को असहज कर देने की बात सरेआम टीवी पर कबूली है और हम महिलाओं को जलील करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। उससे ज्यादा गंभीर ये है कि उसने कितनी महिला पहलवानों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है. यह बहुत भयावह है।



