इसलिए चुनाव आयोग वायनाड उपचुनाव को लेकर जल्दीबाजी में नहीं है

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख के ऐलान कर दिया गया है लेकिन वायनाड सीट पर उपचुनाव की घोषणा नहीं की गई है।

दरअसल चुनाव आयोग ने प्रेस वार्ता में साफ कर दिया है कि फिलहाल वो वायनाड उपचुनाव को लेकर अभी कोई फैसला नहीं करेंगा। चुनाव आयोग ने पत्रकार वार्ता में कहा कि वायनाड उपचुनाव को लेकर अदालती आदेश के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। कोई जल्दबाजी नहीं है, निचली अदालत ने अपील के लिए एक महीने का समय दिया है।

हालांकि लोगों को उम्मीद थी कि चुनाव आयेाग वायनाड सीट पर कोई फैसला ले सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।  चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि वह वायनाड में फिलहाल कोई फैसला लेंगा।

बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित किए जाने के बाद केरल की वायनाड लोकसभा सीट रिक्त है. गुजरात के सूरत की एक अदालत से मानहानि के मामले में दोषी ठहराए जाने और दो साल की जेल की सजा के बाद राहुल गांधी संसद सदस्य के रूप में भी अयोग्य घोषित हो चुके हैं।

क्या है नियम

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 2015 की धारा 151ए की माने तो संसद और राज्य विधानसभाओं में रिक्त सीटों पर उपचुनाव सीट के खाली होने के छह महीने के भीतर होना चाहिए।

राहुल गांधी की सदस्यता भी इसी इसी अधिनियम के तहत खत्म हुई है। अधिनियम की धारा 8 (3) कहती है कि एक सांसद को उस समय अयोग्य ठहराया जाता है, जब उसे दोषी ठहराया जाता है और कम से कम दो साल की सजा सुनाई जाती है।

लोकसभा सचिवालय राहुल गांधी की अयोग्यता को अधिसूचित कर चुकी है और अब उपचुनाव की तारीखों की घोषणा करना चुनाव आयोग पर निर्भर है. लोकसभा में अभी दो सीटें जालंधर और वायनाड रिक्त हैं।

हालांकि चुनावा आयोग ने जलांधर की सीट पर उपचुनाव का एलान किया है लेकिन राहुल गांधी सीट पर कब होगा उपचुनाव इसका फैसला फिलहाल नहीं किया है।

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