कौन है मौलाना साजिद रशीदी, जिसने सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले को बताया सही

जुबिली स्पेशल डेस्क

मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना साजिद रशीदी एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना साजिद रशीदी अक्सर अपने विवादित बयानों की वजह से मीडिया में छाये रहते हैं।

एक बार फिर उनका एक बयान एक नये विवाद को जन्म देता नजर आ रहा है। इस बार उन्होंने सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले को लेकर एक विवादित बयान दिया है।

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने सोमनाथ मंदिर पर हुई हमले को सही करार दिया है और कहा है कि सोमनाथ मंदिर में महिलाओं को गायब किया जा रहा रहा था।

मौलाना साजिद रशीदी ने चैनल से बातचीत में इस तरह का बयान दिया है और कहा है कि सोमनाथ मंदिर में महिलाओं को गायब किया जा रहा रहा था, जिसे रोका गया।

उन्होंने कहा कि हमला करके मंदिर में हो रहे गलत काम को रोका गया। बता दें कि मौलाना साजिद रशीदी ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।

ये पहला मौका नहीं है जब मौलाना रशीदी ने इस तरह का बेतुका बयान दिया है। इससे पहले उन्होंने अयोध्या को लेकर विवादित बयान दिया था और कहा था कि इस देश का इतिहास लिखा जाएगा। उस हिस्ट्री की बुनियाद पर हमारी आने वाली नस्लें राम मंदिर को तोडक़र मस्जिद बनाएंगी।

सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर गौर किया जाये तो इस मंदिर को लेकर कहा जा रहा था कि इस पर कई बार हमला बोला गया है। मंदिर को बार-बार खंडन किया गया।

हालांकि बार-बार खंडन होने के बावजूद इस मंदिर को हर बार शानदार तरीके से बना है और देश के कोने-कोने से लोग यहां पर आते हैं और मंदिर का दर्शन करते हैं।

आठवीं सदी में सिन्ध के अरबी गवर्नर जुनायद ने सेना भेजकर मंदिर पर धावा बोला और तोड़-फोड़ की। इसके बाद मंदिर को पूरी तरह से खंडित कर दिया गया।

हालांकि प्रतिहार राजा नागभट्ट ने 815 ईस्वी में इसका तीसरी बार पुनर्निर्माण कराया। इसके बाद एक बार फिर मंदिर पर आफत बनकर महमूद गजनवी टूटा और मंदिर को पूरी तरह से खंडित कर दिया था।

इसके बाद मालवा के राजा भोज ने इसको फिर बनाया। मुगल काल में जालिम बादशाह औरंगजेब ने साल 1706 में इस मंदिर को फिर गिरा दिया लेकिन आजादी के बादभारत के पूर्व गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने मंदिर का निर्माण कराया और आज भी भव्य तरीके से लोगों के बीच है।

Related Articles

Back to top button