तो क्या IOA से दूर करने के लिए आनंदेश्वर पांडेय के खिलाफ की गई है साजिश?

जुबिली स्पेशल डेस्क
लखनऊ। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के कोषाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव आनंदेश्वर पांडेय ने सोशल मीडिया पर अपनी कुछ तस्वीरें वायरल होने के बाद सोमवार को लखनऊ पुलिस कमिश्नर से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि ‘उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का’ प्रयास हो रहा है।
पांडेय का आरोप है कि आईओए के चुनाव कुछ समय में होने वाले हैं जिसमें उन्हें भाग लेना है, मगर संघ के कुछ पूर्व और मौजूदा पदाधिकारियों ने उन्हें चुनाव में भाग न लेने की चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि चेतावनी को नजरअंदाज करने पर वे एक साजिश के तहत उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। इस कृत्य में कुछ असामाजिक तत्वों का सहारा लिया जा रहा है।

आईओए के कोषाध्यक्ष ने सोमवार को कहा कि इससे पहले भी उन्हें चुनाव में भाग न लेने की धमकी दी गयी थी और पिछले साल फर्जी फेसबुक आईडी का इस्तेमाल कर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल की गयी थीं।

उस समय भी उन्होंने पुलिस की आईटी सेल में प्राथमिकी दर्ज करायी थी मगर असामाजिक तत्व उनकी फेक फोटो वायरल करने की मुहिम जारी रखे हुये हैं जिससे उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले साल भारतीय खो-खो संघ की फर्जी वेबसाइट के जरिये उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गयी जबकि अब एशियाई हैंडबाल संघ की फर्जी वेबसाइट पर आपत्तिजनक सामग्री डालकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गयी है। ओलंपिक संघ के कुछ पदाधिकारी नहीं चाहते कि वे संघ के आगामी चुनाव में हिस्सा लें। पांडेय ने पुलिस कमिश्नर को पिछली 27 जुलाई को दिये शिकायती पत्र में लिखा था, “ मेरे विरुद्ध मेरी छवि धूमिल करने के लिए पिछले दो तीन वर्षों से कुछ असामाजिक तत्वों का कंधा इस्तेमाल किया जा रहा है, जो किसी अन्य के लिए कार्य कर रहे हैं।

35 साल के खेल करियर में आज तक मेरे ऊपर किसी भी संगठन के द्वारा किसी प्रकार का प्रश्नचिन्ह नहीं उठाया गया है, चाहे वह जिला हो, या प्रदेश या राष्ट्रीय व अंर्तराष्ट्रीय स्तर का संगठन।

सामाजिक जीवन व खेल जगत में मेरी एक अलग छवि रही है।” उन्होंने कहा, “इस तरह की छवि को धूमिल करने के लिए पूर्व में भी निराधार आरोप लगाते हुए पिछले साल मेरी आपत्तिजनक फेक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की गई थी जिसकी शिकायत पुलिस की साइबर सेल में की गई थी।

इसके बाद पुन: इन तत्वों ने फिर प्रयास किया है और मेरी आपत्तिजनक फेक फोटो पुन: सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस की साइबर सेल में पुन: शिकायत की गयी है जिनका मैं व्यक्तिगत रुप से खंडन करता हूं।



