मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर मामले में 11 साल बाद मिली जमानत लेकिन रिहाई पर…

जुबिली स्पेशल डेस्क
लखनऊ। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को लेकर बड़ी खबर आ रही है। दरअसल बुधवार को उनको तब बड़ी राहत मिली जब मऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मुख्तार को गैंगस्टर मामले में जमानत दे दी है। इसके साथ ही 11 साल बाद उनको जमानत मिली है।
कोर्ट ने बांदा जेल के अधीक्षक को इस मामले में रिहा करने का आदेश भी दिया है। हालांकि उनकी रियाई को लेकर अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता है क्योंकि कई अन्य मामले भी चल रहे हैं।
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इस वजह से उनको यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान वह जेल में ही रहना पडेंगा।मुख्तार अंसारी तीन दशक बाद पहली बार चुनाव में नहीं लड़ रहें हैं। उनकी जगह उनके बेटे अब्बास अंसारी को मऊ सदर से सपा गठबंधन में शामिल सुभासपा ने टिकट दिया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्तार अंसारी के खिलाफ गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में वर्ष 2007 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। गैंगस्टर एक्ट में सिर्फ दस साल की सज़ा का ही प्राविधान है। इसके अलावा मुख्तार अंसारी के खिलाफ 52 मुकदमें दर्ज हैं। 15 मुकदमें ट्रायल की स्टेज पर हैं।
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भले ही मुख्तार अंसारी को भले ही गैंगस्टर मामले में जमानत मिल गई है लेकिन अभी जेल से बाहर आना उनका काफी मुश्किल है क्योंकि योगी सरकार में एक नहीं 12 मुकदमे दर्ज हुए हैं। इस तरह से कुल 15 केस दर्ज है। वहीं पंजाब से यहां लाने को लेकर काफी विवाद हो चुका है और एम्बुलेंस का फर्जी रजिस्ट्रेशन समेत कई मामलों में उनको नामजद किया गया है।



