आशा बहनों ने रोते हुए प्रियंका गाँधी को सुनाई ज़ुल्म की दास्तान

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. शाहजहांपुर में पुलिस की पिटाई का शिकार हुई आशा बहनों ने आज कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से लखनऊ स्थित उनके आवास में मुलाक़ात की और अपने साथ हुई क्रूरता की दास्तान सुनाई. प्रियंका गांधी ने आशा बहनों के दर्द को बड़े ध्यान से सुना और उन्हें हर संभव कानूनी सहायता दिलाने का वादा किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो आशा बहनों को हर महीने दस हज़ार रुपये मानदेय प्रदान किया जायेगा.

कांग्रेस मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ पहुँचने के फ़ौरन बाद प्रियंका गांधी ने अपने आवास पर आशा बहनों से मुलाक़ात की. बुरी तरह से घायल कई आशा बहनों ने प्रियंका गांधी को बताया कि उन्हें 2018 से अपना बकाया वेतन नहीं मिला है. उसी मांग को लेकर वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात करने जा रही थीं. पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री से तो नहीं मिलने दिया हाँ लाठियों से बुरी तरह से पिटाई ज़रूर कर दी.

आशा बहनों ने बताया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उन्हें जानवरों की तरह से पीटा. आशा बहनों ने बताया कि कोरोना काल में उन्होंने घर-घर जाकर कोरोना के मरीजों को दवाइयाँ बांटी थीं. योगी सरकार ने उसी का यह इनाम दिया है कि पुलिस के बजाय आशा बहनों के खिलाफ मुकदमे लिखे गए हैं.

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह सरकार की संवेदनहीनता है जो उनकी पिटाई की गई है, जबकि उन्हें उनके काम की सराहना मिलनी चाहिए थी. यह उनके समर्पण और निष्ठा का अपमान है. उन्होंने कहा कि वह उन्हें कानूनी सहायता दिलाएंगी. मानदेय उनका हक़ है जो उन्हें मिलना ही चाहिए. कांग्रेस की सरकार बनेगी तो सभी आशा बहनों को दस हज़ार रुपये महीना मानदेय मिलेगा.

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