तालिबान के बढ़ते आतंक के बीच राष्ट्रपति अशरफ ने इस्तीफे की अटकलों पर क्या कहा

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में तालिबान लगतार अपना दबदबा कायम कर रहा है। आलम तो यह है कि उसने कई शहरों पर कब्जा कर डाला है। तालिबान के बढ़ते आतंक से वहां के नागरिकों में डर का माहौल बना हुआ है अपनी जान बचाने के लिए जूझ रहे हैं।

ऐसे में कहा जा रहा है कि अफगानिस्तान में तालिबान सत्ता हासिल करने के लिए कदम लगातार बढ़ा रहा है। ऐसे हालात में कहा जा रहा था कि अफगानिस्तान राष्ट्रपति अशरफ गनी अपने पद से किनारा कर सकते हैं और तालिबान के बढ़ते आतंक के आगे वो इस्तीफा दे सकते हैं लेकिन अब उन्होंने साफ कर दिया है कि वो इस्तीफा नहीं देगे।

अपने इस्तीफे की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने देश को संबोधित किया और कहा है कि देश में अस्थिरता का गंभीर ख़तरा। इस दौरान देश को जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अफगानी लोगों को भरोसा दिलाया कि आगे इसे रोका जाएगा।

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अशरफ गनी ने हमने घरेलू और वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर सलाह मशवरा शुरू करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जो भी नतीजे सामने आएंगे, जल्द ही लोगों के साथ साझा किया जाएगा।

मीडिया रिपोट्र्स की माने तो उन्होंने अपने देश की जनता को भरोसा दिलाने की पूरी कोशिश की है और कहा है कि मौजूदा स्थिति में, अफगान सुरक्षा और रक्षा बलों को फिर से संगठित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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उन्होंने आगे कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके राष्ट्रपति के रूप में मेरा ध्यान लोगों की अस्थिरता, हिंसा और विस्थापन को रोकने पर है। मैं आगे हत्याओं, पिछले 20 वर्षों के उलब्धियों को हानि पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति के विनाश के लिए अफगानों पर थोपे गए युद्ध की अनुमति नहीं दूंगा।

बता दें कि तालिबान के बढ़ते दबदबे के बीच अशरफ गनी सरकार की तरफ से तालिबान को सत्ता साझा करने का फार्मूला भी दिया था लेकिन उस प्रस्ताव को ठुकराते हुए तालिबान ने अफगानिस्तान के प्रांतों पर बम गिराना शुरू कर दिया है। जानकारी मिल रही है कि शन्ति का नया फार्मूला तैयार करने में जुटा है लेकिन कहा जा रहा है कि इस प्रस्ताव में राष्ट्र्रपति अशरफ गनी की सरकार की पूरी तरह से जाना होगा।

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