स्वामी ने ईवीएम को कहा ‘होलसेल फ्रॉड’ तो दिग्विजय ने पूछा ये सवाल

जुबिली न्यूज डेस्क

बीते दिनों असम में भाजपा नेता की गाड़ी में ईवीएम मिलने के बाद से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। मोदी सरकार विपक्षी दलों ने निशाने पर है।

ईवीएम को लेकर भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन एक होल सेल फ्रॉड है। उनके इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने स्वामी से पूछा है कि अगर आपको लगता है कि ईवीएम एक होल सेल फ्रॉड है तो क्या बैलेट बॉक्स की वापसी के लिए आप हमारे अभियान में हमारा साथ देंगे।

दिग्विजय सिंह ने आज अपने ट्वीट में लिखा, ‘सुब्रमण्यम स्वामी जी क्या आपको अभी भी लगता है कि ईवीएम एक होल सेल फ्रॉड है?अगर हां तो क्या आप बैलेट बॉक्स की वापसी के लिए हमारे अभियान में हमारा साथ देंगे?’

ये भी पढ़े : नीम और केले के पेड़ को लेकर यह बात जानते हैं आप?

ये भी पढ़े : क्‍या फिर से लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है देश

दरअसल, सुब्रमण्यम स्वामी एक वीडियो में कहते दिख रहे हैं कि जब देश में बैलेट सिस्टम हुआ करता था हमारे पास सभी दलों के मतदाता हुआ करते थे। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन एक होल सेल फ्रॉड है।

मालूम हो कि असम भाजपा विधायक कृष्णेंदु पॉल की पत्नी के नाम से दर्ज कार में ईवीएम पाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने प्रिसाइडिंग ऑफिसर और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया और स्पेशल ऑब्जरवर से रिपोर्ट मांगी है।

ईवीएम कार में कैसे पहुंची? के सवाल पर आयोग ने कहा कि करीमगंज जिले में राताबाड़ी सीट की पोलिंग टीम 149 कड़ी सुरक्षा में मतदान के बाद लौट रही थी। हालांकि इस बीच बारिश के चलते सड़क पर कीचड़ भर गया था।

ये भी पढ़े : आरोपी पुलिसवालों को बरी करने पर इशरत जहां की मां ने क्या कहा?

ये भी पढ़े : बीजेपी उम्मीदवार की गाड़ी में EVM मिलने पर क्या बोली प्रियंका गांधी

आयोग ने कहा, “एनएच -8 इकलौता रास्ता है जो जिले के दूरस्थ क्षेत्रों को करीमगंज से जोड़ता है। चूंकि मतदान का दिन था और शाम 6 बजे मतदान बंद हो गया। लगभग 1,300 वाहन इस रास्ते से एक साथ लौट रहे थे। खराब मौसम के चलते रास्ते में तगड़ा जाम लगा हुआ था।”

आयोग ने कहा कि जब पोलिंग टीम नीलम बाजार के पास पहुंची, तो रात लगभग 9 बजे उनकी गाड़ी खराब हो गई। भारी जाम और खराब मौसम के चलते, पार्टी अपने काफिले से अलग हो गई।

टीम ने वाहन से उतरकर अपने मोबाइल पर सेक्टर अधिकारी को फोन किया और उन्हें सूचित किया। जब सेक्टर अधिकारी एक वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था कर रहे थे, तब पोलिंग पार्टी ने खुद से एक वाहन की व्यवस्था करने का फैसला किया। जिस वाहन की व्यवस्था की गई वह बीजेपी विधायक की पत्नी की कार थी।

Related Articles

Back to top button