ट्विटर के एक्शन पर ट्रंप ने क्या कहा?

जुबिली न्यूज डेस्क

अमेरिकी संसद पर हुए हमले के बाद दुनिया भर में आलोचनाओं का सामना कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सोशल मीडिया साइट्स ट्विटर ने बड़ा एक्शन लिया है।

शुक्रवार को ट्विटर ने राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप  का ट्विटर अकाउंट हमेशा के लिए बंद कर दिया है।

ट्विटर सेफ्टी नाम के ट्विटर हैंडल की ओर से जारी ट्वीट में कहा गया है कि हिंसा के भड़कने के और जोखिम के चलते राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप के ट्विटर अकाउंट को हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।

कंपनी ने कहा है कि कोई भी ट्विटर अकाउंट नियमों से ऊपर नहीं है और हिंसा भड़काने के लिए इनका इस्तेमाल नहीं कर सकता। कंपनी ने कहा है कि वह अपनी नीतियों और उनको लागू करने के प्रति ईमानदार है।

आगे कंपनी ने कहा कि इस हफ्ते हुए डरा देने वाली घटनाओं को देखते हुए कंपनी ने बुधवार को ही साफ कर दिया था कि उसके प्लेटफॉर्म के नियमों का उल्लंघन करने पर ऐसी कार्रवाई की जा सकती है।

दरअसल ट्विटर ने ये फैसला शुक्रवार को ट्रंप की ओर से किए गए दो ट्वीट्स के चलते लिया। कंपनी ने कहा है कि इन दोनों ही ट्वीट्स को अमेरिका में हाल में हुए घटनाक्रमों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले ट्वीट में उन्हें वोट देने वाले लाखों लोगों को देशभक्त कहा था। साथ ही अमेरिका फर्स्ट और देश को फिर से महान बनाने की बात भी कही थी। दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा था कि वे 20 जनवरी को निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के स्वागत में होने वाले कार्यक्रम में शरीक नहीं होंगे।

क्या कहा ट्रंप ने

अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्विटर द्वारा स्थायी रूप से प्रतिबंधित किये जाने के बाद ट्विटर की निंदा करते हुए  कहा कि उन्हें और उनके समर्थकों को चुप नहीं कराया जा सकता।

ट्विटर पर प्रतिबंधित होने के कुछ घंटो बाद ट्रंप ने एक बयान में कहा, ”मुझे ऐसा होने का अनुमान था। हम दूसरी साइटों से बात कर रहे हैं और इस पर जल्द ही बड़ी घोषणा करेंगे और हम निकट भविष्य में अपना खुद का प्लेटफॉर्म बनाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं। हम चुप नहीं बैठेंगे।”

उन्होंने कहा, ” ट्विटर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में नहीं है, यह सिर्फ अतिवादी वामपंथी विचार को बढ़ावा देने वाला प्लेटफॉर्म है, जहां दुनिया के सबसे खतरनाक लोगों को स्वतंत्रता के साथ अपनी बात रखने की इजाजत होती है। आप हमसे जुड़े रहें।

ट्रंप ने कहा कि ट्विटर भले ही निजी कंपनी हो लेकिन बिना सरकार के वे लंबे समय तक नहीं टिक पाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप के अलावा ट्विटर ने उनके पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन और ट्रंप समर्थक अटॉर्नी सिडनी पॉवेल के अकाउंट पर भी प्रतिबंध लगा दिया।

4 लोगों की हुई थी मौत

कैपिटल हिल में हुई हिंसा में कम से कम 4 लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हुए थे। हिंसा में शामिल होने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और हिंसा के बाद कैपिटल हिल को बंद करना पड़ा था।

ट्रंप समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग में घुसने से रोकने के दौरान पुलिस की उनसे झड़प हुई थी। दुनिया भर के नेताओं ने ट्रंप के समर्थकों द्वारा कैपिटल हिल में की गई हिंसा की घटना की निंदा की थी।

ट्विटर पर था दबाव

ट्विटर पर इसके लिए काफी दबाव था कि वह ट्रंप समर्थकों द्वारा किए गए उत्पात के बाद राष्ट्रपति के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई करे। दरअसल ट्विटर पर ट्रंप के लगभग 9 करोड़ समर्थक थे।

अब ट्विटर के इस कड़े एक्शन के बाद ट्रंप के द्वारा अपनी बात लोगों तक पहुंचाना बेहद मुश्किल होगा। बीते कुछ सालों में अपने अकाउंट्स से उन्होंने कई झूठी सूचनाओं वाले ट्वीट से लेकर विरोधियों के खिलाफ बेहूदी बातें भी कहीं।

फेसबुक ने भी लिया था एक्शन

इससे पहले फेसबुक ने भी इसी तरह की कार्रवाई की थी और कहा था कि राष्ट्रपति बने रहने के दौरान ट्रंप को हमारी सेवा का उपयोग जारी रखने की अनुमति देने का जोखिम बहुत ज़्यादा है, इसलिए हम फेसबुक और इंस्टाग्राम खातों पर अनिश्चित काल के लिए और कम से कम अगले दो हफ्ते के लिए पाबंदी को आगे बढ़ा रहे हैं। इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने कैपिटल हिल में हिंसा के बाद पहले 24 घंटे के लिए ट्रंप के खाते बंद किए थे।

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