73 रुपये में बिकी 2 अरब डॉलर की कंपनी

जुबिली न्यूज डेस्क

क्या आप सोच सकते हैं कि कोई अरबपति उद्योगपति अपनी 2 अरब डॉलर की कंपनी सिर्फ 73 रुपये में बेच सकता है? नहीं ना, लेकिन ऐसा हुआ है। इस पर किसी को भी विश्वास करना मुश्किल होगा, लेकिन हालात ऐसे बने कि UAE बेस्ड भारतीय मूल के अरबपति बीआर शेट्टी को ये कदम उठाना पड़ा।

भारतीय मूल के अरबपति बीआर शेट्टी की फिनाब्लर पीएलसी अपना कारोबार इजराइल-यूएई कंजोर्टियम को मात्र एक डॉलर (73.52 रुपये) में बेच रही है।

बताते चले कि पिछले साल से ही बीआर शेट्टी के सितारे गर्दिश में आ गए थे। उनकी कंपनियों पर न सिर्फ अरबों डॉलर का कर्ज है बल्कि उनके खिलाफ फर्जीवाड़े की जांच भी चल रही है।

2019 दिसंबर में उनके बिजनेस की मार्केट वैल्यू 1.5 बिलियन पाउंड ($2 बिलियन) रह गई थी जबकि उन पर एक अरब डॉलर का कर्ज बताया जा रहा था।

बीआर शेट्टी की फाइनेंशियल सर्विस कंपनी फिनाब्लर ने घोषणा की कि वह ग्लोबल फिनटेक इन्वेस्टमेंट्स होल्डिंग के साथ एक समझौता कर रही है।

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जीएफआईएच इजरायल के प्रिज्म ग्रुप की सहयोगी कंपनी है, जिसे फिनाब्लर पीएलसी लिमिटेड अपनी सारी संपत्ति बेच रही है।

पिछले साल दिसंबर में फिनाब्लर की मार्केट वैल्यू दो बिलियन डॉलर थी। कंपनी द्वारा इसी साल अप्रैल साझा की गई जानकारी के मुताबिक उस पर एक बिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज है।

बताया जा रहा है कि यह सौदा संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल की कंपनियों के बीच महत्वपूर्ण वाणिज्यिक लेनदेन को लेकर भी है, क्योंकि दोनों देशों ने इस साल की शुरुआत में सामान्यीकरण समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उसी दौरान से बैंकिंग से लेकर मोबाइल फोन सेवाओं तक जैसी डीलों पर दोनों देशों के सिग्नेचर हैं।

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बीआर शेट्टी ने 1980 में अमीरात के सबसे पुराने रेमिटेंस बिजनेस यूएई एक्सचेंज की शुरुआती की। यूएई एक्सचेंज, यूके की एक्सचेंज कंपनी ट्रैवलेक्स तथा कई छोटे-छोटे पेमेंट सॉल्यूशंस प्रोवाइडर्स तथा शेट्टी की फिनब्लर के साथ मिलकर 2018 में सार्वजनिक हुई।

मात्र आठ डॉलर लेकर पहुंचे थे यूएई

77 साल के शेट्टी यूएई में हेल्थकेयर इंडस्ट्री में काफी संपत्ति बनाने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने 1970 में एनएमसी हेल्थ की शुरुआत की थी, जो आगे चलकर साल 2012 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने से पहले देश की अपने तरह की पहली कंपनी बनी। कहा जाता है कि 70 के दशक में शेट्टी महज आठ डॉलर लेकर यूएई पहुंचे थे और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी।

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