‘किसानों को कितनी आहुती देनी होगी’

जुबिली न्‍यूज डेस्‍क

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन सत्रहवें दिन भी जारी है। सरकार से वार्ता विफल होने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन और तेज कर दिया है। हरियाणा और पंजाब से किसानों का बड़ा दल दिल्‍ली बॉर्डर पहुंच रहा है।

कुरुक्षेत्र जिले में किसान ट्रैक्टरों में बैठकर दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। सड़क पर ट्रैक्टरों की लंबी कतार दिखाई दे रही है, जिसमें इलाके के किसान सवार होकर दिल्ली के लिए कूच कर रहे हैं। ये सभी दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन देने के लिए निकले हैं।

दूसरी ओर भीषण ठंड की वजह कई आंदोलनकारी किसान बीमार हो गए हैं तो वहीं कई को अपनी जान गंवानी पड़ी है।इस मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि सरकार भीषण ठंड के बावजूद आंदोलन करने को मजबूर किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है इसलिए उसे बताना चाहिए कि किसानों को अभी कितनी आहुति देनी होगी।

राहुल गांधी ने शनिवार को कहा, “कृषि कानूनों को हटाने के लिए हमारे किसान भाइयों को और कितनी आहुति देनी होगी।”

वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “ पिछले 17 दिनों में 11 किसान भाईयों की शहादत के बावजूद निरंकुश मोदी सरकार का दिल नहीं पसीज रहा। वह अब भी अन्नदाताओं के साथ नहीं, अपने धनदाताओं के साथ क्यों खड़ी है। देश जानना चाहता है-“राजधर्म” बड़ा है या “राजहठ” किसान आंदोलन।”

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उन्होंने कहा, “ लोकतंत्र में निरंकुशता का कोई स्थान नहीं। आप और आपके मंत्रियों की नीति हर विरोधी को माओवादी और देशद्रोही घोषित करने की है। भीषण ठंड और बरसात में जायज़ माँगों के लिए धरने पर बैठे अन्नदाताओं से माफ़ी माँगिए और उनकी माँगें तत्काल पूरी करिए।”

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