LIVE : किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरे विपक्षी दल

जुबिली न्यूज डेस्क

मोदी सरकार के तीन नए कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर में देशभर के किसान विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन को विपक्षी दलों के साथ-साथ आम लोगों का समर्थन मिल रहा है।

किसान यूनियनों ने कल भारत बंद का आह्वान किया है। किसानों के इस आह्वान को विपक्ष का पुरजोर समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी समेत 18 राजनीतिक दलों ने समर्थन की घोषणा की है।

किसानों के भारत बंद के समर्थन में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी आज प्रदेश भर में किसान यात्राओं का आयोजन कर रही है। इसी कड़ी में यूपी पुलिस ने प्रदेशभर में सपा के कुछ नेताओं को घर में ही नजरबंद कर दिया है, वहीं कई पूर्व विधायकों को हिरासत में ले लिया गया है।

लखनऊ, वाराणसी, बरेली, मुरादाबादा, पीलीभीत, गोरखपुर, मेरठ सहित कई जिलों में सपा नेताओं के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। कन्नौज में तो किसान यात्रा निकालने की जिद पर अड़ेे सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। यहां भी कई नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया है।

तृणमूल कांग्रेस भी आई किसानों के साथ

किसानों के आंदोलन को विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है। अब तक 18 राजनीतिक दलों ने समर्थन का ऐलान किया है। वहीं किसानों के समर्थन में पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस भी आ गई है।

टीएमसी सांसद सौगत राय ने कहा है कि उनकी पार्टी प्रदर्शनकारी किसानों के साथ खड़ी है, लेकिन पश्चिम बंगाल में भारत-बंद का समर्थन नहीं करेंगे क्योंकि ये हमारे सिद्धांतों के विपरीत है।

हालांकि विपक्ष के शीर्ष नेताओं ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी करते हुए आठ दिसंबर को किसानों के भारत बंद के आह्वान का समर्थन किया है और कहा है कि ‘नए किसान क़ानून कार्पोरेट्स के हाथों खेती-किसानी को बर्बाद कर देंगे।’

जंतर मंतर पर कांग्रेस सांसदों का प्रदर्शन

दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 11 दिन से विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में पंजाब के कांग्रेस सांसदों ने जंतर-मंतर पर बैठकर उनका समर्थन जताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया है।

इस मौके पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, “संसद का शीतकालीन सत्र बुलाया जाए, किसान विरोधी कानूनों पर दोबारा विचार किया जाए और उन्हें वापस लिया जाए। सरकार संसद सत्र से बच रही है। ये अलोकतांत्रिक है।”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को अपने एक ट्वीट में मोदी सरकार से ‘अदानी-अंबानी कृषि कानून’  रद्द करने के लिए कहा है।

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